हूती विद्रोहियों के हमलों से बचाने के लिए ब्रिटेन ने सऊदी अरब में तैनात किए अपने टाइफून फाइटर जेट

लंदन: ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने सऊदी अरब के शहरों और वहां की जनता की सुरक्षा के लिए अपने RAF टाइफून फाइटर जेट तैनात करने का फैसला किया है। यह कदम यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा बढ़ाए गए हमलों को रोकने और वहां के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए उठाया गया है।
रक्षा सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने साफ किया है कि ये ऑपरेशन पूरी तरह से रक्षात्मक होंगे। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश विमान हूती ठिकानों पर कोई हमला नहीं करेंगे, बल्कि उनका काम केवल बचाव करना होगा। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने इस तैनाती को अपनी मंजूरी दे दी है।
ब्रिटेन का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है, क्योंकि इसका असर ब्रिटेन में रहने वाले लोगों के खर्चों पर पड़ता है। जेट विमानों के अलावा, ब्रिटेन रक्षा सामग्री को इधर-उधर ले जाने के लिए एक RAF A400M ट्रांसपोर्ट विमान और सऊदी स्टाफ अधिकारियों की मदद के लिए सैन्य सलाहकार भी भेजेगा।
दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को अब और बढ़ाया गया है। सऊदी अरब के रक्षा अभियानों के लिए हवाई ईंधन भरने (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग) की सहायता को अगले 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इलाके में तनाव बहुत बढ़ गया है। 20 अक्टूबर 2026 को सऊदी सेना ने रियाद की ओर आने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को नाकाम किया। बढ़ती हिंसा के कारण रियाद एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा है और एक बड़ी निवेश कॉन्फ्रेंस को भी टाल दिया गया है।
इससे पहले 10 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक जानलेवा हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ब्रिटेन ने 17 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के लिए यात्रा संबंधी चेतावनी जारी की थी और केवल जरूरी काम के लिए ही वहां जाने की सलाह दी थी।
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि ये मिशन अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में हैं। सरकार के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती गुट के खिलाफ सऊदी अरब को अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का पूरा अधिकार है, खासकर तब जब सितंबर से यमन में हूतियों का हमला बढ़ता जा रहा है।