हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए ब्रिटेन ने सऊदी अरब में तैनात किए RAF टाइफून लड़ाकू विमान

रियाद: हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों से बचाव के लिए ब्रिटेन ने सऊदी अरब में रॉयल एयर फोर्स (RAF) के टाइफून लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की गई। यह कदम सऊदी अरब की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
ब्रिटेन के रक्षा सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने बताया कि टाइफून जेट्स को रक्षात्मक काउंटर-एयर ऑपरेशन के लिए भेजा गया है। इनका मुख्य काम आने वाली मिसाइलों और ड्रोन्स को बीच में ही रोकना होगा, ताकि सऊदी शहरों, आम लोगों और देश के जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाया जा सके। स्ट्रीटिंग ने साफ किया कि यह तैनाती केवल रक्षात्मक कार्यों तक सीमित रहेगी और हूती ठिकानों पर कोई जमीनी हमला नहीं किया जाएगा।
लड़ाकू विमानों के अलावा ब्रिटेन एक RAF A400M मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान भी भेज रहा है, जो सऊदी अरब के भीतर रक्षा सामग्री की आवाजाही में मदद करेगा। इसके साथ ही ब्रिटिश सैन्य सलाहकारों की एक टीम भी भेजी गई है, जो रक्षा योजना बनाने में सऊदी स्टाफ अधिकारियों का सहयोग करेगी।
ब्रिटेन ने सऊदी विमानों के लिए हवा में ईंधन भरने (इन-एयर रिफ्यूलिंग) की सुविधा को भी अगले 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। ये विमान फिलहाल हूती बलों के खिलाफ ऑपरेशन में लगे हुए हैं।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले में 13 लोगों की जान गई थी। इसके अलावा यमन में एक सरकारी ट्रेनिंग कैंप पर हुए हमले में 73 लोग मारे गए थे।
लंदन और रियाद के बीच दशकों से सैन्य सहयोग और हथियारों की बिक्री चल रही है, हालांकि यमन संघर्ष में ब्रिटिश हथियारों के इस्तेमाल को लेकर इसकी आलोचना भी होती रही है। रक्षा सचिव स्ट्रीटिंग ने हूती विद्रोहियों की हालिया हरकतों को बेहद घिनौना और क्षेत्र के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ब्रिटिश सैन्य उपस्थिति बढ़ाना जरूरी था।