हूती हमलों के बाद सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन ने तैनात किए रॉयल एयर फोर्स के टाइफून लड़ाकू विमान

रियाद: हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे हमलों में बढ़ोतरी के बाद ब्रिटेन ने सऊदी अरब को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने का फैसला किया है। यूके के रक्षा सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने पुष्टि की है कि रॉयल एयर फोर्स के टाइफून फाइटर जेट्स को वहां तैनात किया जा रहा है।
इन लड़ाकू विमानों का मुख्य काम डिफेंसिव काउंटर-एयर मिशन चलाना होगा। इनका मकसद सऊदी अरब के शहरों और वहां के जरूरी बुनियादी ढांचे को ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचाना है। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि ये विमान पूरी तरह से सुरक्षा के लिए काम करेंगे और हूती बलों पर कोई हमला नहीं करेंगे।
यह फैसला 10 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हूती मिसाइल हमले के बाद लिया गया है। इस हमले में 13 लोगों की जान चली गई थी, जिसकी वजह से सऊदी अरब के 'दावोस इन द डेजर्ट' निवेश सम्मेलन को टालना पड़ा था।
टाइफून जेट्स के साथ-साथ ब्रिटेन सैन्य सलाहकार भी भेज रहा है। रक्षा सामग्री की आवाजाही को आसान बनाने के लिए रॉयल एयर फोर्स का एक A400M ट्रांसपोर्ट विमान भी भेजा गया है।
इससे पहले सितंबर 2026 में प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सऊदी जेट्स के लिए एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग सपोर्ट की मंजूरी दी थी। अब इस रिफ्यूलिंग मिशन को अगले 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।
प्रधानमंत्री बर्नहम ने इस सैन्य सहयोग के पीछे तेल की स्थिर आपूर्ति बनाए रखने और लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा को जरूरी बताया है। ब्रिटिश सरकार ने हूती समूहों द्वारा क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिशों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है।