UK और Israel के बीच बढ़ा तनाव, ब्रिटेन के सेटलमेंट बैन के बाद इसराइल ने UK कंसुलेट बंद करने का किया आदेश.

Aanya9 September 20262 min read21 viewsWorld
UK और Israel के बीच बढ़ा तनाव, ब्रिटेन के सेटलमेंट बैन के बाद इसराइल ने UK कंसुलेट बंद करने का किया आदेश.

ब्रिटेन और इसराइल के बीच कूटनीतिक संबंध इन दिनों काफी तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। ब्रिटिश सरकार की तरफ से वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों को लेकर कड़े प्रतिबंध लगाने के बाद इसराइल ने भी बहुत बड़ा कदम उठाया है। इसराइल ने पूर्वी यरूशलम में स्थित यूके कंसुलेट को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है, जिसे ब्रिटिश विदेश मंत्री ने बेहद खेदजनक बताया है।

ब्रिटेन के कड़े प्रतिबंध और इसराइल का जवाब

ब्रिटिश सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि वे अवैध इसराइली बस्तियों से आने वाले सामानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाएंगे। इसके साथ ही बस्तियों के विस्तार में शामिल लोगों और कंपनियों पर भी वीजा बैन जैसे कड़े एक्शन लिए गए। UK Foreign Secretary Ed Miliband ने स्पष्ट रूप से कहा कि ब्रिटेन इसराइल के कब्जे को गैरकानूनी मानता है। इन तमाम फैसलों के बीच ब्रिटेन ने नए हथियार निर्यात लाइसेंसों को भी खारिज करने की बात कही है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

दूसरी ओर, इसराइली विदेश मंत्री Gideon Saar ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेतुका झूठ करार दिया। इसराइल ने पलटवार करते हुए पूर्वी यरूशलम स्थित ब्रिटिश कंसुलेट के राजनयिकों की मान्यता को 30 दिनों के भीतर रद्द करने का आदेश दिया। इसके अलावा, किरयात गात सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन सेंटर से अपने प्रतिनिधियों को सात दिन के भीतर वापस बुलाने का भी निर्देश दिया गया है।

सांसदों की एंट्री बैन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इसराइल ने सख्त रुख अपनाते हुए ब्रिटेन के 12 नागरिकों के देश में प्रवेश पर रोक लगा दी है, जिसमें संसद सदस्य Jeremy Corbyn और Zarah Sultana भी शामिल हैं। इसराइली विदेश मंत्री ने ब्रिटेन की इस नीति को नैतिक रूप से पूरी तरह गलत और देश के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी बताया है।

ब्रिटेन के इन प्रतिबंधों को फ्रांस और कनाडा का पूरा समर्थन मिला है। इसके अलावा डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन जैसे नौ अन्य देशों ने भी इसी तरह के व्यापारिक प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने नौ सितंबर को स्पष्ट किया कि अमेरिका इस समय क्षेत्रीय अस्थिरता से बचने के लिए इन प्रतिबंधों में शामिल नहीं होगा, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इस कदम का विरोध भी नहीं किया है।

फिलिस्तीनी autoridad ने ब्रिटेन के इन प्रतिबंधों का स्वागत करते हुए इसे जवाबदेही की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम बताया है। वहीं दूसरी ओर, मुख्य रब्बी एप्रिम मिरविस ने इस फैसले को ब्रिटिश यहूदियों के लिए एक काला दिन बताया, जिसे ब्रिटिश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया। इसराइल के भीतर भी विपक्षी नेता प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं कि इससे देश पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ सकता है।

Share:

Comments

Leave a comment