UK का बड़ा कदम, इस्राइल के अवैध बस्तियों के साथ ट्रेड और निवेश पर लगेगा बैन, मंगलवार को होगा ऐलान

ब्रिटेन की सरकार वेस्ट बैंक को लेकर अपनी नीति में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। ब्रिटिश विदेश सचिव Ed Miliband मंगलवार, 9 सितंबर 2026 को अवैध इस्राइली बस्तियों के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करने वाले हैं। इस नए कदम के तहत सेटलमेंट से जुड़े सभी तरह के कारोबार और निवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। इस नीतिगत बदलाव का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन को जुलाई 2024 की उस अंतरराष्ट्रीय अदालत की सलाह के साथ जोड़ना है जिसमें इस्राइली कब्जे को पूरी तरह अवैध घोषित किया गया था। इस मामले की पूरी जानकारी आप ReliefWeb Report पर देख सकते हैं।
कतर के प्रधानमंत्री से हुई थी फोन पर बात
यह बड़ा फैसला सोमवार, 7 सितंबर 2026 को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Andy Burnham और कतर के अमीर Sheikh Tamim bin Hamad al Thani के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद सामने आया है। इस बातचीत के दौरान ब्रिटिश पीएम ने बस्तियों के विस्तार को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया था और इस संबंध में कड़े कदम उठाने का वादा किया था। मध्य पूर्व के इस इलाके में तनाव इस समय अपने चरम पर है। इसी दिन इस्राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के खिलाफ पूर्ण युद्ध की चेतावनी दी थी। यह चेतावनी एक चाकूबाजी की घटना के बाद आई थी जिसमें एक सेटलर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
मानवीय संकट और विस्थापन का खतरा
फिलिस्तीनियों के लिए हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अबू एल अजाज बेदौइन समुदाय के दर्जनों परिवारों को बुधवार, 9 सितंबर 2026 तक जबरन विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है। इन परिवारों को प्रशासन की तरफ से 40 से अधिक विध्वंस आदेश मिले हैं और साथ ही सशस्त्र सेटलर्स की तरफ से लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी UN के अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इस्राइली सेटलर्स की हिंसा अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। अगस्त की शुरुआत तक हिंसा की 1,430 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनकी वजह से लोगों को चोटें आईं और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और विरोध
संयुक्त राष्ट्र की विशेष रैपोर्टेयर Francesca Albanese ने इस संभावित व्यापार प्रतिबंध को एक जरूरी शुरुआती कदम बताया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने के लिए एक बड़े बदलाव की जरूरत है और ब्रिटेन को विशेष रूप से E1 सेटलमेंट प्रोजेक्ट पर भी ध्यान देना चाहिए। दूसरी तरफ, इन प्रस्तावित प्रतिबंधों का कई जगहों पर कड़ा विरोध भी हो रहा है। अमेरिका के इस्राइल में राजदूत Mike Huckabee ने इस कदम को यहूदी घृणा करार दिया है। इसके अलावा बोर्ड ऑफ डेप्युटीज ऑफ ब्रिटिश जीव्स, द ज्यूइश लीडरशिप काउंसिल और मुख्य रब्बी Ephraim Mirvis जैसे संगठनों ने भी ब्रिटेन और इस्राइल के रिश्तों पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर चिंता जताई है। यूके लॉयर्स फॉर इस्राइल ने भी तर्क दिया है कि इस तरह का सामान्य प्रतिबंध विश्व व्यापार संगठन के समझौतों और द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन कर सकता है जिससे फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।