RAF Fairford सुरक्षा मामला: ब्रिटेन ने ईरान पर जताया संदेह

Gautam Sahu30 September 20262 min read0 viewsWorld
RAF Fairford सुरक्षा मामला: ब्रिटेन ने ईरान पर जताया संदेह

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने एक बेहद गंभीर मामले में ईरान की संलिप्तता की ओर इशारा किया है। उन्होंने बुधवार को घोषणा की कि RAF Fairford एयर बेस पर हुई हालिया सुरक्षा घटना में ईरान की भूमिका होने के "मजबूत संकेत" मिले हैं। फिलहाल यह मामला पुलिस की एक जटिल और गंभीर जांच के दायरे में है, जिसमें ब्रिटिश अधिकारी अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना तब शुरू हुई जब रविवार, 27 सितंबर 2026 को RAF Fairford एयर बेस के पास 20 से 25 वर्ष की आयु के पांच ब्रिटिश पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था। लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस की काउंटर टेरर पुलिसिंग यूनिट के सहायक आयुक्त लॉरेंस टेलर ने बताया कि हालांकि तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन संदिग्धों के वाहनों से "पेट्रोल की एक बड़ी मात्रा" बरामद की गई है।

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जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस घटना के पीछे किसी विदेशी देश के प्रॉक्सी या उसके इशारे पर काम करने वाले लोग शामिल थे। एक चौंकाने वाली जानकारी यह भी सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्धों में से एक ने गिरफ्तारी से पहले ही पुलिस से इस घटना के संबंध में संपर्क किया था।

बेल पर रिहाई और सुरक्षा सेवाओं पर भरोसा

इस मामले में संदिग्धों को "सबसे सख्त जमानत शर्तों" पर रिहा करने के फैसले का प्रधानमंत्री बर्नहैम ने बचाव किया। सोमवार को कोबरा (COBRA) आपातकालीन समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद, उन्होंने देश की सुरक्षा सेवाओं पर अपना "पूर्ण विश्वास" जताया।

हालांकि, इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पहले ही इसे एक "विदेशी तत्व" से जुड़ी घटना बताया था, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संदिग्धों को जमानत पर रिहा किए जाने पर चिंता व्यक्त की है।

ईरान का पलटवार: आरोपों को बताया 'दुष्प्रचार'

दूसरी ओर, लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ये दावे "निराधार और दुर्भावनापूर्ण" हैं। उन्होंने इस पूरी कहानी को "ईरानोफोबिक प्रोपेगंडा" (ईरान विरोधी दुष्प्रचार) करार दिया है।

फिलहाल, लंदन के रहने वाले पांचों संदिग्धों के खिलाफ जांच जारी है और अधिकारी इस रहस्यमयी घटना की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।

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