UK का बड़ा कदम, इसराइल की बस्तियों से आने वाले सामान पर लगाया बैन, प्रधानमंत्री ने किया बचाव

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Andy Burnham ने वेस्ट बैंक में अवैध इसराइली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने की नई सरकारी नीति का आधिकारिक तौर पर बचाव किया है। यह बड़ा कदम 8 सितंबर 2026 को विदेश सचिव Ed Miliband द्वारा घोषित किया गया था, जिसका उद्देश्य उन व्यक्तियों और कंपनियों को निशाना बनाना है जो बुनियादी ढांचे, निर्माण, वित्त और रियल एस्टेट जैसी बस्तियों की गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं या उनसे मुनाफा कमाते हैं। इस नए कानून को अगले छह से नौ महीने के भीतर पूरी तरह से लागू किए जाने की उम्मीद है, जिसकी अधिक जानकारी आप ब्रिटिश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
संसद में प्रधानमंत्री का कड़ा बयान
संसद में 9 सितंबर 2026 को अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री Andy Burnham ने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन को अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और उन लोगों का समर्थन करना चाहिए जिन्हें उनके घरों से जबरन निकाला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नीति में बदलाव का मुख्य उद्देश्य दो-राष्ट्र समाधान को बनाए रखना है। विदेश सचिव Ed Miliband ने भी इन बातों का समर्थन किया और कहा कि ब्रिटिश सरकार वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हो रहे जातीय संहार को स्वीकार करती है, जिसे उन्होंने 'सेटलर आतंकवादियों' द्वारा अंजाम दिया गया बताया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और देशों का समर्थन
विदेश सचिव ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने, घरों को गिराने और परिवारों को जबरन विस्थापित करने जैसी घटनाओं को इस नीतिगत बदलाव के सबूत के रूप में सबके सामने रखा। ब्रिटेन की यह स्थिति 2024 के उस अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के सलाहकार फैसले के साथ मेल खाती है जिसमें फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कब्जे को गैरकानूनी घोषित किया गया था। फ्रांस और कनाडा भी ब्रिटेन के साथ इस तरह के व्यापार प्रतिबंधों को लागू करने में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन जैसे देशों का समर्थन भी इसे प्राप्त है। इसके विपरीत, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने पुष्टि की कि अमेरिका इस प्रतिबंध में हिस्सा नहीं लेगा क्योंकि उन्हें क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं हैं।
इसराइल की तीखी प्रतिक्रिया और अन्य देशों का रुख
दूसरी ओर, इसराइली विदेश मंत्री Gideon Saar ने ब्रिटिश उपायों को बेहद निंदनीय करार दिया और कई जवाबी कार्रवाई करने की घोषणा की। इन जवाबी कदमों में पूर्वी यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करना, गाजा युद्धविराम की निगरानी करने वाले ब्रिटेन के प्रतिनिधियों को देश से बाहर निकालना और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के सुरक्षा बलों के लिए ब्रिटेन के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा, इसराइल ने उन बारह ब्रिटिश नागरिकों और सांसदों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है जिन पर इसराइल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। साथ ही 1,200 नए आवासीय यूनिट बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई गई है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राजदूत Husam Zomlot ने ब्रिटिश सरकार की इस नई नीति का औपचारिक रूप से स्वागत किया है।