यूके में फिलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं पर शिकंजा, लोन और बैंक खाते बंद होने का मामला आया सामने

यूके में फिलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों के खिलाफ वित्तीय सेवाओं पर रोक लगाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलिस्तीन एक्शन कार्यकर्ता लियोना 'एली' कामियो की मां एम्मा कामियो को Lloyds Bank द्वारा होम लोन देने से साफ इनकार कर दिया गया है। बैंक ने इसके पीछे राजनीतिक सक्रियता से जुड़ी 'प्रतिकूल मीडिया रिपोर्ट' और 'प्रतिष्ठा के जोखिम' का हवाला दिया है। यह घटना जून 2026 की है जब एली कामियो को फिल्टन स्थित एक एल्बिट सिस्टम्स फैसिलिटी पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था।
खाता बंद होने और डिबैंकिंग की बढ़ती घटनाएं
एली कामियो को बाद में छह साल की सजा सुनाई गई और अभियोजकों ने आतंकवाद से जुड़े मामलों के तहत कार्रवाई की मांग की थी, जबकि उन पर आतंकवाद के औपचारिक आरोप नहीं थे। जेल जाने से पहले एली कामियो का खुद का बैंक खाता भी Lloyds Bank द्वारा बिना किसी स्पष्ट कारण के बंद कर दिया गया था। इस तरह की घटनाओं से यह साफ हो रहा है कि यूके में फिलिस्तीन समर्थक आवाजों को दबाने के लिए 'डिबैंकिंग' यानी अचानक बैंक खाते बंद करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। केवल लॉयड्स बैंक ही नहीं, बल्कि अन्य वित्तीय संस्थान जैसे वर्जिन मनी और यूनिटी ट्रस्ट बैंक द्वारा भी ग्रेटर मैनचेस्टर फ्रेंड्स फॉर फिलिस्तीन और स्कॉटिश फिलिस्तीन सॉलिडेरिटी कैंपेन जैसे संगठनों के खाते बंद करने या फ्रीज करने की खबरें सामने आई हैं।
नए नियमों और सरकारी दिशानिर्देशों का असर
वित्तीय संस्थानों द्वारा बिना वजह खाते बंद करने के मामलों को रोकने के लिए यूके सरकार ने नए नियम लागू किए थे जो 28 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए। इन नए नियमों के तहत वित्तीय संस्थानों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे किसी भी ग्राहक की सेवाएं समाप्त करने से कम से कम 90 दिन पहले लिखित नोटिस और स्पष्ट कारण दें। इसके अलावा 1 सितंबर 2026 से फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी (FCA) ने भी उद्योग के कामकाज को नियंत्रित करने के लिए नए गैर-वित्तीय आचरण नियम लागू किए हैं। इन तमाम बदलावों और अमेरिकी सरकार द्वारा अगस्त 2026 में फिलिस्तीन एक्शन को 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूह' के रूप में वर्गीकृत किए जाने के बाद से यूके में मानवाधिकार और राजनीतिकACTIVISM से जुड़े मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। इस पूरी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी आप UK Government Official Website पर देख सकते हैं।