UK का बड़ा ऐलान, इसराइली वेस्ट बैंक बस्तियों से आने वाले सामान और सेवाओं पर लगेगा ट्रेड बैन.

Nura Basta8 September 20262 min read27 viewsWorld
UK का बड़ा ऐलान, इसराइली वेस्ट बैंक बस्तियों से आने वाले सामान और सेवाओं पर लगेगा ट्रेड बैन.

यूनाइटेड किंगडम सरकार ने 8 सितंबर 2026 को एक कड़ा कदम उठाते हुए इसराइली बस्तियों से आने वाले सामान और सेवाओं पर पूर्ण रूप से ट्रेड बैन लगाने की घोषणा कर दी है। इस नए नियम के तहत कब्जे वाले वेस्ट बैंक क्षेत्र की बस्तियों से जुड़े सभी प्रकार के उत्पादों और चुनिंदा सेवाओं पर रोक लगाई जा रही है। ब्रिटिश सरकार का यह बड़ा फैसला दो-राष्ट्र समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। साल 2005 से ही इन बस्तियों के उत्पादों को तरजीही टैरिफ छूट नहीं मिलती थी, लेकिन अब नए नियमों के तहत इन क्षेत्रों में किए जाने वाले निवेश को भी पूरी तरह से गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है।

संसद में रखा जाएगा औपचारिक प्रस्ताव

विदेश मंत्री Ed Miliband आज संसद में इस नीतिगत बदलाव का औपचारिक बयान पेश करेंगे। इससे पहले मंत्री महोदय यह स्पष्ट कर चुके हैं कि ब्रिटेन दो-राष्ट्र समाधान को खत्म करने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा। देश के पेंशन मंत्री Pat McFadden ने भी इस आने वाली नीति की पुष्टि की है और बताया कि सरकार क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाली हर गतिविधि के खिलाफ खड़ी है। प्रधानमंत्री Andy Burnham ने भी इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से सोमवार को बातचीत की थी और फिलिस्तीनी राज्य की भौगोलिक अखंडता को बचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। सरकार की इस तेजी का एक मुख्य कारण इसराइल की E1 settlement project भी है, जिसे लेकर आलोचकों का मानना है कि इससे भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय अदालत के नियमों का पालन

यह पूरा कदम साल 2024 की International Court of Justice (ICJ) की उस सलाह के बाद उठाया गया है, जिसमें दुनिया के सभी देशों से फिलिस्तीनी भूमि पर इसराइली कब्जे में मदद न करने की अपील की गई थी। इसराइली अधिकारियों ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है और वे इसका कड़ा जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले जून 2026 में भी ब्रिटेन और उसके कई सहयोगी देशों ने वेस्ट बैंक में हिंसा फैलाने वाले कुछ लोगों और संस्थाओं पर पाबंदियां लगाई थीं। अमेरिका की तरफ से इस फैसले पर आलोचना की उम्मीद है, लेकिन आयरलैंड, स्पेन, स्लोवेनिया और बेल्जियम जैसे देश पहले ही इस तरह के प्रतिबंध लगा चुके हैं या फिर पूरे यूरोपीय संघ में ऐसा बैन लगाने की मांग कर रहे हैं। द गार्जियन अखबार में छपे हालिया सर्वे के अनुसार ब्रिटेन की आम जनता के बीच इस नीति को काफी समर्थन मिल रहा है।

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