मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ब्रिटेन ने ईरान यात्रा के खिलाफ जारी की सख्त चेतावनी
ब्रिटेन ने ईरान जाने वाले नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच वहां यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

लंदन: ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को ईरान के लिए अपनी यात्रा सलाह को अपडेट किया है। सरकार ने मिडिल ईस्ट में अचानक तनाव बढ़ने के उच्च जोखिम को देखते हुए ईरान की सभी यात्राओं के खिलाफ चेतावनी जारी की है।
FCDO ने वर्तमान सुरक्षा स्थिति को बेहद अनिश्चित बताया है। ब्रिटेन ने वहां रह रहे या यात्रा कर रहे अपने नागरिकों से वहां अपनी मौजूदगी का मूल्यांकन करने को कहा है। चेतावनी में कहा गया है कि ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले लोगों को गिरफ्तारी, पूछताछ या हिरासत का बड़ा खतरा है, क्योंकि ब्रिटेन से उनके संबंधों को सरकारी कार्रवाई का आधार माना जा सकता है।
यह एडवाइजरी पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र के लिए यात्रा की योजना बनाने वालों पर भी लागू होती है। इसमें हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानों के रद्द होने और यात्रा में बड़ी बाधाओं आने की संभावना जताई गई है। सरकार ने साफ किया है कि वह आपात स्थिति में ईरान में आमने-सामने सहायता प्रदान करने या निकासी की सुविधा देने में असमर्थ है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि आधिकारिक सलाह के विपरीत यात्रा करने से व्यक्तिगत बीमा कवर अमान्य हो सकता है।
सरकार के मुताबिक, 2026 की शुरुआत से ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े स्थानों, व्यवसायों और संस्थानों को निशाना बनाने के इरादे जाहिर किए हैं। यह स्थिति नागरिक और अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे पर हुए जवाबी हमलों के बीच बनी हुई है।
इसी बीच 27 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बैठक हुई। अमेरिका के यूएन राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि वाशिंगटन और उसके सहयोगी ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्होंने तेहरान पर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को पूरा न करने का आरोप लगाया। वहीं ईरान के प्रतिनिधि ने इस बैठक को अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाइयों से ध्यान भटकाने की राजनीतिक कोशिश बताया।
यूएन में ब्रिटेन की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सारा मैकिंतोश ने भी परिषद को संबोधित किया और मांग की कि ईरान सभी परमाणु केंद्रों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों की वापसी की अनुमति दे।
दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग ने भी 27 अक्टूबर को ईरान समर्थित हूती बलों की निरंतर शत्रुता को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी किया। इसके अलावा ब्रिटेन में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत दो लोगों पर अमेरिकी संचालित RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का आरोप लगाकर मामला दर्ज किया गया है।