रूस पर यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, मॉस्को में बरपा कहर और तेल रिफाइनरी को भारी नुकसान.

यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा और भयानक हमला किया है। रातभर में रूस की धरती पर 1,000 से अधिक ड्रोन दागे गए, जिनमें से सैकड़ों ड्रोन सीधे मॉस्को शहर की ओर भेजे गए थे। इस अचानक हुए जोरदार हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई जगहों पर भारी नुकसान की खबर सामने आई है। इस हमले की चपेट में आने से एक बड़ी तेल रिफाइनरी और एक आवासीय इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे रूस को आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर ने दी जानकारी
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने रविवार को मीडिया को बताया कि इन भीषण ड्रोन हमलों में कुल दो लोगों की मौत हो गई है और 20 अन्य लोग घायल हुए हैं। इस हादसे में जान गंवाने वालों में 74 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति और 44 वर्षीय एक महिला शामिल हैं। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक राजधानी को निशाना बनाकर किए गए इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति का बयान
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस बात की पुष्टि की है कि इस बड़े सैन्य अभियान में विभिन्न प्रकार के आधुनिक ड्रोन और खतरनाक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। उनके अनुसार, इन हथियारों में यूक्रेन में ही तैयार की गई ‘फ्लेमिंगो’ और ‘पेलिकन’ मिसाइलें भी शामिल थीं। जेलेंस्की ने साफ कहा कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना और उसकी अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाना है। तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाकर रूस की युद्ध मशीन को वित्तीय दबाव में लाने की सोची-समझी रणनीति बनाई गई है।
खेरसॉन में भी हुआ था हमला
दूसरी तरफ, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यह भी जानकारी दी कि इससे पहले शनिवार को रूस की ओर से किए गए एक ड्रोन हमले में खेरसॉन क्षेत्र के एक ऐतिहासिक मठ को भारी नुकसान पहुंचा था। उस हमले में पादरी वर्ग के एक सदस्य की दर्दनाक मौत हो गई थी और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों देशों के बीच चल रहे इस लंबे और विनाशकारी संघर्ष में लगातार आम नागरिकों और धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिससे हालात दिन-प्रतिदिन बेहद गंभीर होते जा रहे हैं।