यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला, कीव समेत कई शहरों में ड्रोन और मिसाइलबारी से 7 लोगों की मौत.

यूक्रेन में बुधवार को रूसी सेना ने हमलों की एक नई और खतरनाक लहर शुरू कर दी, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। इस हमले में राजधानी कीव समेत देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को निशाना बनाया गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, अकेले राजधानी कीव में ही दो लोगों की जान चली गई और करीब 41 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुए इन हमलों से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं।
राजधानी कीव पर ड्रोन की बौछार
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने राजधानी कीव पर भारी संख्या में ड्रोन दागे। यह हमला एक ऐसे संवेदनशील समय पर हुआ जब राष्ट्रपति जेलेंस्की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने वाले थे। उनके इस भाषण में मुख्य रूप से रूस के लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों से निपटने के लिए बेहतर वायु रक्षा व्यवस्था यानी एयर डिफेंस सिस्टम की मांग किए जाने की पूरी उम्मीद थी। रूसी हमलों का मुख्य निशाना देश का बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स था, जिससे आवागमन और जरूरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
पेट्रोल पंप और रेलवे नेटवर्क को नुकसान
यूक्रेनी अधिकारियों ने साझा किया कि रूसी ड्रोन ने मुख्य रूप से पेट्रोल पंपों, दफ्तरों, बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों और रेलवे से जुड़े बुनियादी ढांचे को अपना निशाना बनाया। यूक्रेन रेलवे के प्रमुख ओलेक्सांद्र पर्त्सोव्स्की ने आधिकारिक तौर पर यह बात कही कि कीव का पूरा रेल नेटवर्क भी इस हमले की चपेट में आ गया है। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी यात्रियों से सफर के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
डोनबास क्षेत्र में आवासीय इमारत पर हमला
पूर्वी डोनबास क्षेत्र के क्रामातोर्स्क के पश्चिम में स्थित ओलेक्सांद्रिव्का इलाके में एक रिहायशी इमारत पर सीधा हमला हुआ। इस दर्दनाक हादसे में एक छोटे बच्चे समेत कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दिमित्रो लुबिनेत्स ने मीडिया को बताया कि इस घटना में चार अन्य लोग घायल भी हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है और मलबे के नीचे अभी भी कई और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है।