सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर हूती हमलों की संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने की निंदा, यमन में राजनीतिक समाधान की अपील की
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने सऊदी अरब में हूती हमलों की निंदा करते हुए क्षेत्र में संयम बरतने और राजनीतिक समाधान की मांग की है।

न्यूयॉर्क (अमेरिका): संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यमन में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
गुटेरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यमन में बढ़ती दुश्मनी और सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों पर हूती हमले आम लोगों को भारी कष्ट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है और अब यमन को एक राजनीतिक समाधान की जरूरत है।
दूसरी ओर, यमन के विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संसद के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है जिसमें हूती विद्रोहियों को आतंकवादी घोषित करने की मांग की गई है। मंत्रालय ने इसे नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
यूरोपीय संसद ने गुरुवार को अपना प्रस्ताव पारित करते हुए हूती हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया। संसद ने कहा कि इन हमलों की वजह से बड़ी संख्या में यमनी नागरिक मारे गए हैं और विस्थापित हुए हैं, जिससे देश में मानवीय संकट और गहरा गया है।
यूरोपीय संसद ने हाल के वर्षों में इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात पर हूतियों द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की भी निंदा की है। विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की प्रतिनिधि काजा कल्लास के प्रस्ताव पर संसद ने यूरोपीय संघ की परिषद से हूती आंदोलन की राजनीतिक और सैन्य शाखाओं को आतंकवादी संगठनों की सूची में डालने का आग्रह किया है।
संसद ने यह भी मांग की है कि हूती आंदोलन के वित्तपोषण के सभी रास्तों को बंद किया जाए और उनके साथ-साथ उनकी मदद करने वालों के सभी फंड और आर्थिक संसाधनों को फ्रीज किया जाए।
इसी बीच, इराक ने भी सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद और इराकी विदेश मंत्री फुअद हुसैन के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें इराक ने यह साफ किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह के हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा।