इस्लामाबाद पहुंचे UN चीफ गुट्रेस, कश्मीर पर सवाल पूछने पर साधी चुप्पी, सुरक्षा परिषद पर उठाए सवाल

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुट्रेस इन दिनों तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर पाकिस्तान में हैं। मंगलवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक दिलचस्प मोड़ आया। जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लेकर गुट्रेस से तीखा सवाल किया, तो UN चीफ ने उस सवाल को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
कश्मीर के मुद्दे पर चुप्पी साधते हुए गुट्रेस ने अपना ध्यान सुरक्षा परिषद की मौजूदा स्थिति की ओर मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान शांति और संवाद के जरिए संभव है और उनके कार्यालय की सेवाएं हर स्थिति के लिए उपलब्ध हैं। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा परिषद की वैधता और प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सुरक्षा परिषद में सुधार की पुरजोर वकालत
महासचिव गुट्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सुरक्षा परिषद आज की दुनिया का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि परिषद में तीन यूरोपीय स्थायी सदस्य हैं, लेकिन एक भी अफ्रीकी सदस्य स्थायी रूप से शामिल नहीं है, जो इसकी वैधता पर सवाल उठाता है।
गुट्रेस ने बहुपक्षवाद पर जोर देते हुए कहा कि आज हम ऐसी स्थिति देख रहे हैं जहां महाशक्तियां और सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य खुद संघर्ष शुरू करते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं। इससे दुनिया के अन्य देशों को यह लगता है कि वे कुछ भी कर सकते हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या का समाधान केवल सुरक्षा परिषद के व्यापक सुधारों से ही संभव है, ताकि यह संस्था अधिक वैध और जिम्मेदार बन सके।
दूसरी ओर, तंजानिया के अरुषा में आयोजित इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की 153वीं असेंबली में भारत ने पाकिस्तान की प्रोपेगेंडा राजनीति को करारा जवाब दिया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान द्वारा कश्मीर के संदर्भ में दिए गए निराधार बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं और रहेंगे।