सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर हूती हमलों को संयुक्त राष्ट्र ने बताया अस्वीकार्य और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा
संयुक्त राष्ट्र ने सऊदी अरब में हूती हमलों को अस्वीकार्य बताया है। किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए हमलों में 13 लोगों की मौत हुई है।

रियाद: संयुक्त राष्ट्र ने सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हूती हमलों पर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
गुटेरेस ने 22 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजारों, सप्लाई चेन और वित्तीय स्थिरता को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। उन्होंने इस स्थिति को युद्ध का अल नीनो करार दिया है।
इससे पहले 15 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक औपचारिक बयान जारी कर हालिया हमलों की कड़ी निंदा की थी। परिषद ने खास तौर पर 10 और 11 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों का जिक्र किया, जिनमें 13 लोगों की जान गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए।
सुरक्षा परिषद ने हूती मिलिशिया तक हथियारों की अवैध तस्करी रोकने के लिए प्रस्ताव 2216 को पूरी तरह लागू करने की मांग की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने, नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की आजादी सुनिश्चित करने की जरूरत दोहराई गई है।
मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क सहित संयुक्त राष्ट्र के अन्य अधिकारियों ने घरों, अस्पतालों, स्कूलों और ऊर्जा केंद्रों पर हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने 21 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी। हमलों की अस्थिर स्थिति के कारण किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कामकाज रोकना पड़ा है।
दूसरी ओर, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) की मंत्रिस्तरीय परिषद ने 18 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के प्रति अपनी पूरी एकजुटता जताई। परिषद ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत खुद की रक्षा करने के सऊदी अरब के संप्रभु अधिकार का समर्थन किया है।