रिहायशी इलाकों पर हूती ड्रोन हमलों को UN ने बताया गलत, सऊदी अरब में मिसाइलें नाकाम
संयुक्त राष्ट्र ने रिहायशी इलाकों पर हूती ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब में भी कई हमले नाकाम किए गए।

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने हूती आंदोलन द्वारा रिहायशी और नागरिक क्षेत्रों की ओर अंधाधुंध ड्रोन और मिसाइल दागने की कड़ी निंदा की है। अंतरराष्ट्रीय संस्था ने स्पष्ट किया कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
UN ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से गैर-लड़ाकों और नागरिक संपत्तियों की सुरक्षा करने की अपील की है। यह बयान क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों में आई भारी तेजी के बाद आया है।
30 अक्टूबर 2026 को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन और दक्षिणी सऊदी अरब की ओर आने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की जानकारी दी। इसी सुबह मक्का अल-मुकर्रमा की ओर भेजे गए एक अन्य ड्रोन को भी नष्ट कर दिया गया।
सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक, रियाद में मलबे के गिरने से कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए और संपत्ति का नुकसान हुआ है। वहीं, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने मक्का हमले की जिम्मेदारी से इनकार करते हुए गठबंधन के दावों को झूठा बताया है।
तनाव अक्टूबर के अंत में काफी बढ़ गया था। 29 अक्टूबर को हूतियों ने रस तनूरा रिफाइनरी, अबकाइक में अरामको सुविधाओं के साथ-साथ रियाद और दम्माम के हवाई अड्डों को निशाना बनाते हुए छह बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का ऐलान किया था।
दूसरी तरफ, यमनी सशस्त्र बलों ने 30 अक्टूबर को 'फज्र यमन' ऑपरेशन के तहत एक बड़े हमले की रिपोर्ट दी। उनके दावे के मुताबिक, ताइज़ सहित विभिन्न प्रांतों में 1,087 टारगेट ऑपरेशन्स किए गए, जिनमें 336 हूती तत्व ढेर हुए और 112 सैन्य संपत्तियां नष्ट की गईं।
यमन सरकार ने ताइज़ क्षेत्र में जारी मानवीय संकट और संभावित युद्ध अपराधों का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। UN ने विस्थापन और नागरिकों की पीड़ा को रोकने के लिए शत्रुता को तुरंत समाप्त करने का आग्रह किया है।