हूती हिरासत में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी की मौत, UN ने की स्वतंत्र जांच की मांग
संयुक्त राष्ट्र ने हूती हिरासत में यमनी कर्मचारी मोहम्मद इब्राहिम अल-शामी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने हूती अधिकारियों की हिरासत में अपने एक कर्मचारी की मौत पर गहरा दुख जताया है। UN ने इस मामले में तत्काल, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की औपचारिक मांग की है।
मृतक की पहचान मोहम्मद इब्राहिम अल-शामी के रूप में हुई है, जो यमन के नागरिक थे और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय में कार्यरत थे। अल-शामी को 6 जून 2024 को हूती अधिकारियों ने मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया था।
उनकी मौत की पुष्टि 31 अक्टूबर 2026 को की गई, हालांकि रिपोर्टों के अनुसार उनकी मृत्यु इसके एक महीने पहले ही हो चुकी थी। उनके परिवार को हाल ही में इस घटना की जानकारी दी गई और शव लेने के लिए कहा गया। हूती अधिकारियों ने मौत के कारणों या परिस्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने इस घटना को एक हृदयविदारक त्रासदी बताया है। तुर्क ने हूती अधिकारियों से पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की है। उन्होंने सभी मेडिकल और हिरासत रिकॉर्ड सार्वजनिक करने, सबूतों को सुरक्षित रखने और मौत के कारणों की स्वतंत्र जांच कराने को कहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के प्रधानमंत्री शया अल-ज़िंदानी ने भी इस मौत की निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिरासत में लिए गए लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार के लिए हूती नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
संयुक्त राष्ट्र लगातार हूतियों द्वारा हिरासत में लिए गए लगभग 71 UN कर्मियों और विभिन्न मानवीय व नागरिक समाज कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग कर रहा है। संगठन ने कैदियों के गिरते स्वास्थ्य और चिकित्सा उपेक्षा पर गंभीर चिंता जताई है।
UN का कहना है कि इन गिरफ्तारियों को मनमानी हिरासत और जबरन गायब करने की श्रेणी में रखा गया है। इन कार्रवाइयों की वजह से हूती नियंत्रण वाले इलाकों में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा मानवीय सहायता पहुंचाने के काम में बड़ी बाधा आ रही है।