यमन में फिर पूर्ण युद्ध: हूती हमलों पर UN दूत की कड़ी चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा परिषद को दी गई जानकारी में चेतावनी दी कि यमन में हालात एक बार फिर पूर्ण युद्ध जैसे हो गए हैं। उन्होंने सऊदी अरब के नागरिक ढांचे पर हूती हमलों में आई तेजी को इसकी सबसे बड़ी वजह बताया।
ग्रुंडबर्ग ने इन हमलों को "खतरनाक बढ़ोतरी" बताते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों को मिल रही धमकियों पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे समुद्री आवाजाही की आज़ादी पर सीधा असर पड़ रहा है।
सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत डॉ. अब्दुलअज़ीज़ अलवासिल ने परिषद को बताया कि 6, 7 और 8 अक्टूबर को रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती हमले हुए। इनमें तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए। 10 अक्टूबर को एक और हमले के बाद हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इन हमलों की जद में आया है।
सुरक्षा परिषद में मांग और समर्थन
राजदूत अलवासिल ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार की बात दोहराई। उन्होंने सुरक्षा परिषद से मिलीशिया के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की अपील की।
पाकिस्तान के UN राजदूत आसिम इफ़्तिख़ार अहमद ने भी चिंता जताई और मिसाइल व ड्रोन हमलों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से क्षेत्रीय स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात और तुर्कीये ने भी हमलों की कड़ी निंदा की। दोनों देशों ने नागरिक हवाई अड्डों को निशाना बनाने को सऊदी संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए साफ़ खतरा बताया।
ग्रुंडबर्ग ने सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हिंसा खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली नई राजनीतिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी मांग की कि हूती मिलीशिया द्वारा हिरासत में लिए गए 72 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और अन्य नागरिकों को बिना शर्त रिहा किया जाए।