UN General Assembly: लेबनान, इराक और पाकिस्तान के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में रखी अपनी बात

न्यूयार्क शहर में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) के 81वें सत्र का चौथा दिन बहुत अहम रहा। इस उच्च स्तरीय जनरल डिबेट की शुरुआत 25 सितंबर 2026 को हुई। इस साल का मुख्य विषय 'भरोसे को बहाल करना, बदलाव को संभालना: एक संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे' रखा गया है। इस सत्र में लेबनान के प्रधानमंत्री नवाब सलाम, इराक के प्रधानमंत्री अली फालिह अल-जैदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने विचार रखे और दुनिया के सामने अपनी बातें खुलकर रखीं।
लेबनान के प्रधानमंत्री ने की सुरक्षा की मांग
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाब सलाम ने मंच से कहा कि दक्षिण लेबनान में यूनीफिल मिशन खत्म होने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से एक ऐसी व्यवस्था बनाने की अपील की जिससे वहां सुरक्षा का कोई संकट पैदा न हो। इसके अलावा उन्होंने इजरायली सेना के लेबनान की जमीन से पूरी तरह बाहर जाने और हमलों को तुरंत रोकने की मांग की। अपनी यात्रा के दौरान लेबनान के पीएम ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से भी अलग-अलग मुलाकात की, ताकि क्षेत्रीय शांति और आपसी रिश्तों पर बात हो सके।
इराक और तुर्किये के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति
इराक के प्रधानमंत्री अली फालिह अल-जैदी ने महासभा में अपने भाषण से पहले तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तayiप एर्दोगन के साथ जरूरी बैठक की। दोनों नेताओं ने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। इसमें बाशीका-जेलिकन मिलिट्री बेस को धीरे-धीरे इराकी संघीय सरकार को सौंपना और सिंजर में सरकारी अधिकार फिर से बहाल करना शामिल है। इराक अपनी इस रणनीति के तहत विदेशी समर्थित मिलिशिया को जून 2027 तक नियंत्रित करना चाहता है। साथ ही, इराक अमेरिका के साथ अपने सैन्य गठबंधन को आर्थिक साझेदारी में बदलना चाहता है, क्योंकि अमेरिकी सेना की वापसी की योजना 30 सितंबर तय की गई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की क्षेत्रीय कूटनीति
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस वैश्विक मंच पर क्षेत्रीय कूटनीति और गाजा संघर्ष में शांति के प्रयासों पर चर्चा की। सम्मेलन के शुरुआती दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2025 में पाकिस्तान-भारत संघर्ष को सुलझाने में शहबाज शरीफ की भूमिका की तारीफ की थी। इस महासभा की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री और जनरल असेंबली के अध्यक्ष खलीलुर रहमान कर रहे हैं और यह डिबेट 28 सितंबर 2026 तक चलेगी। सभी वक्ताओं के लिए 15 मिनट का समय तय किया गया है ताकि समय पर सभी अपनी बात रख सकें।