नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए संयुक्त राष्ट्र ने जारी किए 4.96 करोड़ डॉलर, जानिए पूरी मदद की बात.

संयुक्त राष्ट्र और उसके साथी संगठनों ने शुक्रवार, 5 सितंबर 2026 को नेपाल में आई भयंकर बाढ़ से पीड़ित लोगों की मदद के लिए $49.6 मिलियन यानी करीब चार करोड़ 96 लाख डॉलर की फ्लैश अपील जारी की है। नेपाल में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के अनुसार, यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सीमा पर एक ग्लेशियर के टूटने से शुरू हुई थी। इस ग्लेशियर के फटने से अचानक भारी बाढ़ आ गई, जिससे देश में 1,250 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग लापता हो गए। इस बड़ी त्रासदी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और लोग अब राहत सामग्री के लिए सरकारी व अंतरराष्ट्रीय मदद का इंतजार कर रहे हैं।
बाढ़ से प्रभावित परिवारों का आंकड़ा और नुकसान
स्थानीय मानवीय सहायता टीमों के आकलन के मुताबिक, इस आपदा से नेपाल के 84,270 लोग प्रभावित हुए हैं, जो कुल 19,284 परिवारों का हिस्सा हैं। बाढ़ के पानी और मलबे ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे लोगों के घर और आजीविका छिन गई। शुक्रवार को काठमांडू में मानवीय आपूर्ति से भरा 84 मीट्रिक टन का एक बड़ा विमान और शिपमेंट पहुंचा। इस राहत सामग्री को पहुंचाने में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यानी UNICEF और यूरोपीय संघ ने अपनी अहम भूमिका निभाई है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों और बच्चों के लिए यह मदद बहुत जरूरी साबित हो रही है, क्योंकि उनके पास खाने-पीने और रहने के लिए पर्याप्त साधन नहीं बचे हैं।
UNICEF द्वारा बांटी जाने वाली राहत सामग्री
यूंनिICEF ने योजना बनाई है कि वह प्रभावित क्षेत्रों में डायरिया के इलाज के लिए विशेष किट, पीने के पानी के लिए वाटर टैंक, स्वच्छता से जुड़े सामान यानी हाइजीन किट, पानी को साफ करने की दवाइयां, सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े और बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री वितरित करेगा। इन चीजों से सैकड़ों-हजारों लोगों की मदद की जाएगी। नेपाल में UNICEF की प्रतिनिधि Alice Akunga ने जानकारी दी कि यह नया शिपमेंट बच्चों और उनके परिवारों को तुरंत सहायता प्रदान करने में मदद करेगा ताकि उनके स्वास्थ्य, भलाई और भविष्य की रक्षा की जा सके। आपदा के इस दौर में बच्चों की पढ़ाई और सेहत बचाना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
बुनियादी ढांचे की मरम्मत और बीमारी रोकने के प्रयास
मानवीय सहायता साझेदारों ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री को तेजी से पहुंचाना और जुटाना शुरू कर दिया है। राहत टीमों का मुख्य ध्यान टूटे हुए बुनियादी ढांचे यानी रोड, पुल और बिजली के खंभों की मरम्मत करने पर है ताकि आवाजाही फिर से शुरू हो सके। इसके अलावा, बाढ़ के बाद गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और राहत दल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि समय रहते साफ पानी और दवाइयां लोगों तक पहुंच जाएं, ताकि किसी भी तरह की महामारी या संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठन मिलकर इस आपदा के घावों को भरने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।