नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए UN ने मांगे 5 करोड़ डॉलर, सर्दियों से पहले मदद पहुंचाने की तैयारी.

Aanya6 September 20263 min read30 viewsWorld
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए UN ने मांगे 5 करोड़ डॉलर, सर्दियों से पहले मदद पहुंचाने की तैयारी.

संयुक्त राष्ट्र यानी UN और उसके मानवीय सहयोगियों ने नेपाल में भारी तबाही मचाने वाले बाढ़ और भूस्खलन के पीड़ितों के लिए 4 अगस्त 2026 को एक बड़ा कदम उठाया है। नेपाल में आई इस भयंकर आपदा के बाद प्रभावित लोगों की मदद के लिए $49.6 मिलियन यानी लगभग 5 करोड़ डॉलर की फ्लैश अपील लॉन्च की गई है। इस चार महीने चलने वाले राहत अभियान का मुख्य उद्देश्य सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले नेपाल के 84,000 से अधिक बेसहारा लोगों तक साफ पानी, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और रहने के लिए छत जैसी जरूरी चीजें पहुंचाना है। नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और विदेश मंत्रालय के अनुसार यह संकट चीन-नेपाल सीमा के पास एक ग्लेशियर फटने से शुरू हुआ था, जिसके बाद यह भारी तबाही देखने को मिली।

नेपाल में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही और बचाव कार्य

चीन-नेपाल सीमा के पास 26 अगस्त 2026 को हुए ग्लेशियर पतन की वजह से नेपाल की भूते कोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में भयंकर बाढ़ आ गई थी। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 6 सितंबर 2026 तक स्थानीय अधिकारियों ने कुल 1,381 शव बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा इस आपदा में 4,088 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 606 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल में चलाए गए अब तक के सबसे बड़े बचाव अभियानों में 13,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि, रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के करीब 84,270 निवासी अपने घर और आजीविका खोने के बाद बेहद मुश्किल हालात में जीने को मजबूर हैं। नेपाल में यूएन की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर लीला पीटर्स याहिया ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताया और कहा कि पीड़ितों ने कुछ ही मिनटों में अपना सबकुछ गंवा दिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी नेपाल विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।

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अंतरराष्ट्रीय देशों और एजेंसियों की मदद

इस मुश्किल समय में नेपाल की मदद के लिए दुनिया भर के देश आगे आ रहे हैं। नेपाली सेना के साथ मिलकर काम करने के लिए भारत, चीन और कोरिया गणराज्य से विशेष सुरंग बचाव दल नेपाल पहुंचे हैं। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्युएन ने 6 सितंबर 2026 को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मुलाकात की और लापता दक्षिण कोरियाई नागरिकों की तलाश को लेकर चर्चा की। दक्षिण कोरिया ने नेपाल को $1 मिलियन की आर्थिक सहायता के साथ-साथ 130 मिलियन दक्षिण कोरियाई वोन की राहत सामग्री देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भी मानवीय सहायता के तहत 6 सितंबर 2026 को 100 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी है। इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बारे में पूरी रिपोर्ट डब्ल्यूएएम न्यूज पोर्टल पर प्रकाशित की गई है।

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियां जैसे यूनिसेफ और विश्व खाद्य कार्यक्रम यानी डब्लूएफपी भी मैदान में उतर चुकी हैं। यूनिसेफ ने प्रभावित इलाकों में हाइजीन किट और डायरिया के इलाज के लिए जरूरी दवाओं समेत 84 मीट्रिक टन सामान भेजा है, जबकि डब्लूएफपी ने करीब 8,000 लोगों के लिए खाने का इंतजाम किया है। लगातार पानी के दूषित होने और मलबे की वजह से स्वास्थ्य अधिकारियों ने हैजा फैलने की चेतावनी दी है। इसी खतरे को देखते हुए नेपाल सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत वैक्सीन और वाटर प्यूरीफायर सिस्टम भिजवाए हैं ताकि पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।

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