West Bank में बस्तियों के विस्तार से बढ़ा विस्थापन, UN नेताओं ने जताई गहरी चिंता.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों के तेजी से हो रहे विस्तार और फिलिस्तीनी लोगों के जबरन विस्थापन को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। इस गंभीर मुद्दे पर जिनेवा और न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठकों का दौर चल रहा है, जहां अधिकारियों ने साफ किया है कि जमीन पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। आम लोगों के घरों को तोड़े जाने और सुरक्षा की कमी के कारण आम नागरिकों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।
UN जनरल असेंबली में उठा बड़ा मुद्दा
हाल ही में 22 से 24 सितंबर 2026 के बीच आयोजित 81वीं UN जनरल असेंबली के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने वेस्ट बैंक की स्थिति पर कड़ी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रणनीतिक E1 कॉरिडोर में बस्तियों का निर्माण और आउटपोस्ट का बढ़ना टू-स्टेट सॉल्यूशन के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। गुटेरेस ने इन नीतियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि इससे हालात और ज्यादा खराब हो रहे हैं। फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भी असेंबली में आरोप लगाया कि वेस्ट बैंक में बस्तियों से जुड़ी हिंसा लगातार बढ़ रही है और उन्होंने UN सिक्योरिटी काउंसिल से रेजोल्यूशन 2334 को सख्ती से लागू करने की अपील की। इसके अलावा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने बताया कि 142 देशों द्वारा समर्थन मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है।
विस्थापन और हमलों के डराने वाले आंकड़े
यूरोपीय संघ यानी EEAS की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार वेस्ट बैंक में जबरन विस्थापन की रफ्तार साल 2026 में बढ़कर रोजाना 17 लोगों तक पहुंच गई है। इनमें हर दिन 8 बच्चे भी शामिल हैं, जो पिछले तीन सालों के औसत से लगभग दोगुना है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक घरों को गिराए जाने, जमीन पर कब्जा होने और सेटलर गतिविधियों की वजह से 4,300 से ज्यादा फिलिस्तीनी बेघर हो चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक सेटलर्स ने वेस्ट बैंक के 1.07 मिलियन dunams यानी करीब 18% हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है। इस साल अकेले 275 समुदायों को हमलों का सामना करना पड़ा है, जहां हर दिन औसतन 6.7 घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। इसके अलावा 84 स्कूलों पर demolition या काम रोकने के आदेश लटके हुए हैं, जिससे लगभग 13,000 छात्र और स्टाफ प्रभावित हो रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कदम और प्रतिबंध
बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय दबाव भी तेजी से बढ़ रहा है। यूनाइटेड किंगडम यानी यूके सरकार ने गत 8 सितंबर 2026 को अवैध बस्तियों के साथ व्यापार को सीमित करने और ऐसी गतिविधियों में मदद करने वाली संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने के नए उपायों की घोषणा की। यह कदम अन्य 11 देशों के साथ मिलकर उठाया गया है। ब्रिटेन सरकार की इस आधिकारिक घोषणा की पूरी जानकारी आप gov.uk पर देख सकते हैं। हालांकि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि वेस्ट बैंक की भौगोलिक स्थिति और शांति को बनाए रखने के लिए अभी और भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है। इस मानवीय संकट और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ReliefWeb Report में दी गई है, जो इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है।