संयुक्त राष्ट्र को मिला अमेरिका का भारी भुगतान, 2027 तक वोटिंग अधिकार पर मंडराता खतरा टला.

संयुक्त राष्ट्र को अमेरिका की तरफ से बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र यानी UN के नियमित बजट में 72.5 करोड़ डॉलर का बड़ा भुगतान कर दिया है। इस भुगतान के सामने आने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने साफ किया है कि इससे अमेरिका का बकाया काफी हद तक कम हुआ है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस वित्तीय मदद के बाद साल 2027 में महासभा के दौरान अमेरिका के मतदान अधिकार पर जो खतरा मंडरा रहा था, वह अब पूरी तरह से टल गया है। इस पूरी जानकारी को संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने आधिकारिक रूप से साझा किया है।
फरहान हक ने दी आधिकारिक जानकारी
संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक प्रवक्ता फरहान हक ने बुधवार को मीडिया को जानकारी दी कि अमेरिका ने नियमित बजट के मद में 72.5 करोड़ डॉलर जमा करा दिए हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही अमेरिका ने शांति अभियानों के लिए भी 10.2 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था। प्रवक्ता के मुताबिक, इन तमाम भुगतानों के होने के बाद भी अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट का करीब 1.312 अरब डॉलर का बकाया अभी भी बाकी है। इसके बावजूद नया भुगतान आने की वजह से अमेरिका अब साल 2027 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 19 के नियमों के दायरे में आने से बच गया है।
क्या कहता है संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 19
संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार चार्टर का अनुच्छेद 19 यह साफ करता है कि यदि किसी भी सदस्य देश का बकाया उसके पिछले दो वर्षों के कुल देय नियमित योगदान से ज्यादा हो जाता है, तो महासभा में उस देश का मतदान अधिकार निलंबित किया जा सकता है। हालांकि कुछ विशेष और गंभीर परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी रखा जाता है। अमेरिका संयुक्त राष्ट्र के बजट में सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली और वहां होने वाले खर्चों पर कई बार सवाल खड़े किए हैं और कई एजेंसियों के लिए मिलने वाले स्वैच्छिक फंड में कटौती भी की है। अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से यह संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में होने वाले भुगतान पूरी तरह से संयुक्त राष्ट्र में सुधार की रफ्तार से जुड़े होंगे।
चीन भी है बड़ा योगदानकर्ता
इस पूरी प्रक्रिया के बीच यह भी सामने आया है कि दुनिया के दूसरे बड़े देशों ने भी अपने हिस्से का भुगतान समय पर किया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, चीन ने भी बीते 01 सितंबर को नियमित बजट के लिए 64.14 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था। अमेरिका के बाद चीन ही संयुक्त राष्ट्र के बजट में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट में भी देख सकते हैं, जहां इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है।