यमन में हूती बलों द्वारा स्कूलों का सैन्यीकरण, बच्चों के साथ गंभीर उल्लंघन की UN रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक यमन में हूती बल स्कूलों का सैन्यीकरण कर रहे हैं और बच्चों को युद्ध में झोंक रहे हैं।

यमन: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने यमन में बच्चों के खिलाफ जारी गंभीर उल्लंघनों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हूती बलों द्वारा अपने नियंत्रण वाले इलाकों में स्कूलों का तेजी से सैन्यीकरण किया जा रहा है।
30 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर एक रिपोर्ट पेश की। इसमें बच्चों की भर्ती, उन्हें युद्ध में इस्तेमाल करने, हत्या, अपंग करने और शिक्षण संस्थानों पर सीधे हमलों जैसे गंभीर मामलों का विवरण दिया गया है।
मानवीय स्रोतों के आंकड़ों के अनुसार, हूती बलों ने बच्चों की भर्ती के तरीकों का विस्तार किया है। 2026 की तीसरी तिमाही में यमन के 16 प्रांतों में बच्चों की भर्ती और उनकी मौत के 222 मामले सामने आए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्थिक तंगी और वैचारिक कट्टरता का फायदा उठाकर नाबालिगों को युद्ध क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। सना प्रांत में ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं जहां बच्चों को जबरन स्कूलों से हटा लिया गया।
बच्चों और सशस्त्र संघर्ष के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि वैनेसा फ्रेजर ने बढ़ती शत्रुता पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर 2026 से अब तक बच्चों के खिलाफ 60 से अधिक गंभीर उल्लंघन दर्ज किए गए हैं। फ्रेजर ने सभी पक्षों से स्कूलों की नागरिक प्रकृति का सम्मान करने और शैक्षिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करने की अपील की है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हाल ही में प्रस्ताव 2832 (2026) अपनाया है। यह प्रस्ताव बच्चों की भर्ती को तुरंत रोकने और डिजिटल तकनीक के जरिए हो रही भर्ती के खतरे से निपटने का आह्वान करता है।
यमन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन गतिविधियों को रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने का औपचारिक अनुरोध किया है। सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल सितंबर महीने में हूती नेतृत्व वाली सैन्य कार्रवाइयों के कारण 100 से अधिक बच्चों की जान गई है।