यमन के हालात पर यूएन महासचिव गुटेरेस की हुई बड़ी बैठक, बच्चों की हालत पर जताई चिंता.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने यमन के हालात को लेकर एक अहम बैठक की है। यह बैठक न्यूयार्क में 25 सितंबर 2026 को हुई जिसमें यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के उपाध्यक्ष Abdullah Al-Alimi Bawazir भी शामिल रहे। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य यमन में चल रहे मानवीय संकट और वहां के हालात पर विचार करना था। इस बैठक से पहले बावजीर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को भी संबोधित किया था जहां उन्होंने कई गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात रखी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही देरी पर सवाल उठाए।
यमन में 12 साल के संघर्ष से बिगड़े हालात
यमन के नेता बावजीर ने महासभा में बात रखते हुए बताया कि पिछले 12 साल से चल रहे संघर्ष ने वहां की एक पूरी पीढ़ी को तबाह कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाउथी विद्रोही मानवीय संघर्ष विराम का गलत फायदा उठाकर अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने लाल सागर में नेविगेशन को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की बात कही जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाउथी बलों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों और मानवीय कार्यकर्ताओं को लगातार हिरासत में रखा जा रहा है जो कि बेहद चिंता का विषय है। अपनी यात्रा के दौरान बावजीर ने ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi से भी मुलाकात की और क्षेत्र के हालातों पर चर्चा की।
बच्चों में कुपोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल
यमन में मानवीय संकट इस समय अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में भारी रुकावट आ रही है। यूनिसेफ के देश प्रतिनिधि Akhil Iyer ने जानकारी दी है कि उनके मोबाइल दलों ने जांच के दौरान पाया है कि 4 में से 1 से ज्यादा बच्चा गंभीर रूप से कुपोषण का शिकार है। इसके अलावा 200 से ज्यादा बच्चे गंभीर और तीव्र कुपोषण की चपेट में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार उत्तरी यमन के 105 प्राथमिकता वाले स्वास्थ्य जिलों में से 90 जगह पर मेडिकल सेवाएं पूरी तरह बंद पड़ी हैं। UNHCR के हाई कमिश्नर Barham Salih ने यमन, जिबूती और सोमालिया के लिए Level 1 इमरजेंसी घोषित कर दी है क्योंकि नए सिरे से हुई हिंसा के कारण हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
ब्रिटेन की मदद और सुरक्षा परिषद का कड़ा रुख
बिगड़ते हालातों को देखते हुए ब्रिटेन सरकार ने 25 सितंबर 2026 को विस्थापित लोगों की मदद के लिए £10 million के नए फंड का ऐलान किया है जिसे संयुक्त राष्ट्र की इमरजेंसी अपील के जरिए दिया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी UK Government Official Website पर साझा की गई है। वहीं दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा के ठिकानों पर हाउथी हमलों की कड़ी निंदा की है। परिषद ने तुरंत सैन्य गतिविधियों को रोकने और बिना किसी रुकावट के राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है जिसके बारे में विस्तार से ReliefWeb Report में बताया गया है।