हूती हिरासत में UN कर्मचारी की मौत, मानवाधिकार प्रमुख ने की जांच की मांग
UN मानवाधिकार प्रमुख ने हूती अधिकारियों से मोहम्मद अल-शामी की मौत की स्वतंत्र जांच और अन्य बंदियों की रिहाई की मांग की है।

यमन: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने यमन में हूती अधिकारियों से अपने कार्यालय के कर्मचारी मोहम्मद अल-शामी की मौत की तत्काल, स्वतंत्र और गहन जांच करने की अपील की है। 31 अक्टूबर, 2026 को जारी एक बयान में तुर्क ने इस घटना को बेहद दुखद और हृदयविदारक बताया है।
उच्चायुक्त तुर्क ने इस मामले में पूरी पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने हूती अधिकारियों से सभी मेडिकल और हिरासत संबंधी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और सबूतों को सुरक्षित रखने को कहा है ताकि मौत के कारणों की स्वतंत्र जांच हो सके।
मोहम्मद अल-शामी 6 जून, 2024 से हूती अधिकारियों की मनमानी हिरासत में थे। उनके परिवार के मुताबिक, उनकी मौत इस घोषणा से एक महीने पहले ही हो गई थी, लेकिन परिवार को इसकी सूचना काफी देर से मिली। परिजनों को अब तक मौत की परिस्थितियों या सटीक कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब हूती हिरासत में किसी संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी की जान गई हो; यह दूसरी ऐसी घटना है। अक्टूबर 2026 के मध्य तक की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के 71 कर्मचारी अब भी हूती अधिकारियों की कैद में हैं।
हूती अधिकारियों ने पहले यह आरोप लगाया था कि हिरासत में लिए गए UN कर्मचारी एक जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने लगातार खारिज किया है।
वोल्कर तुर्क ने बाकी बचे बंदियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। इनमें उनके अपने कार्यालय के सात सहकर्मियों के साथ-साथ कई मानवीय और नागरिक समाज कार्यकर्ता शामिल हैं। उन्होंने इन सभी की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग दोहराई है।