हूती विद्रोहियों की धमकियों से वैश्विक बाजार अस्थिर, UN ने जताई गहरी चिंता

संयुक्त राष्ट्र (UN) के यमन विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने हूती विद्रोहियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन को दी जा रही धमकियों पर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। ग्रुंडबर्ग ने स्पष्ट किया है कि इन धमकियों और यमन में बढ़ते सैन्य टकरावों का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो गया है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब हूती समूह ने सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एक सऊदी विमान को निशाना बनाकर घातक हमले किए हैं। इन हमलों में एक पायलट सहित तीन सऊदी नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हुए हैं। पिछले सप्ताहांत शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद से सऊदी अरब में यह सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
हवाई सेवाओं में भारी व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इन हमलों के कारण रियाद की हवाई यात्रा पूरी तरह चरमरा गई है। गुरुवार को रियाद की सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं और शुक्रवार दोपहर तक कम से कम 124 और उड़ानों को कैंसिल किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Air India, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय करियरों ने कई दिनों के लिए रियाद अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफन दुजारिक ने रियाद, जाज़ान और नज़रान के पास हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है। वहीं, कतर, जॉर्डन और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इन घटनाओं को सऊदी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और नागरिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है।
हंस ग्रुंडबर्ग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को ब्रीफ करते हुए मांग की है कि हूती समूह सऊदी नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद करे। उन्होंने जोर दिया कि लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों का पालन करना अब अनिवार्य हो गया है, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को बचाया जा सके।