Strait of Hormuz disruptions threaten global food security

दुनिया भर में भोजन की उपलब्धता और कृषि उत्पादों पर मंडराते बड़े संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जारी समुद्री बाधाओं के कारण वैश्विक स्तर पर उर्वरक यानी खाद की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे खाद्य सुरक्षा पर भारी खतरा पैदा हो गया है।
वैश्विक कृषि और अर्थव्यवस्था पर असर
ब्रसेल्स में यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति को संबोधित करते हुए एक वरिष्ठ संयुक्त राष्ट्र अधिकारी, जॉर्ज मोरेरा दा सिल्वा ने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर जहाजों की आवाजाही में रुकावट आने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा दोनों डगमगा गई हैं। इस स्थिति का सबसे बुरा असर विकासशील देशों पर पड़ रहा है, जहां किसानों के लिए खाद की कमी एक गंभीर चुनौती बन गई है।
- सूडान, सोमालिया, मोजाम्बिक और तंजानिया जैसे देश अपनी कुल उर्वरक जरूरतों का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा इसी खाड़ी क्षेत्र से मंगाते हैं।
- आपूर्ति में भारी कमी के कारण दुनिया भर में खाद की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।
- महत्वपूर्ण उर्वरकों के दाम बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर आगामी फसल सीजन के कुल उत्पादन पर पड़ना तय माना जा रहा है।
मानवीय संकट टालने के लिए यूएन का प्रस्ताव
इस खतरनाक स्थिति से निपटने और एक संभावित मानवीय त्रासदी को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने एक विशेष योजना पेश की है। इस अस्थायी तंत्र के तहत, शिपिंग एजेंटों को यूएन के पास अपने ट्रांजिट अनुरोध दर्ज कराने होंगे, जिसके बाद सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पक्षों और देशों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस नौवहन समस्या का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो दुनिया भर में अनाज की कीमतें और अधिक भड़क सकती हैं, जिससे आम जनता की थाली तक पहुंचना भी महंगा हो जाएगा।