लेबनान में यूएन मिशन की वापसी, सेना और एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपना जरूरी

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के प्रमुख मेजर जनरल डियोदातो अबाग्नारा ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि इस साल के अंत में बल की वापसी शुरू होने से पहले सभी जरूरी जिम्मेदारियों को संयुक्त राष्ट्र की अन्य एजेंसियों और लेबनान की स्थानीय सेना को सही तरीके से सौंपना बेहद आवश्यक है ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो। दक्षिणी लेबनान में शांति बनाए रखने और हालात पर नजर रखने के लिए यह मिशन पिछले लगभग पांच दशकों से लगातार काम कर रहा है और अब बदलाव का समय आ गया है।
कैसे पूरी होगी जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया
इटली के रहने वाले मेजर जनरल अबाग्नारा ने जानकारी दी है कि इस पूरे मिशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिम्मेदारियों का यह बदलाव पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण हो। भविष्य में जो भी नई व्यवस्था बनेगी या जो एजेंसियां काम संभालेंगी, उन्हें काम समझने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। हाल ही में हुए संघर्ष के बाद इस मिशन के काम करने के तरीके में भी बदलाव आया है और अब राहत सामग्री लेकर चलने वाले काफिलों को सुरक्षा मुहैया कराना भी इनकी मुख्य जिम्मेदारी बन गया है। खासतौर पर दक्षिणी लेबनान के उन इलाकों में जहां ईसाई आबादी ज्यादा है, वहां लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा परिषद का निर्देश और आगे की तैयारी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने साफ निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026 के अंत से इस मिशन की वापसी की प्रक्रिया पूरी तरह शुरू कर दी जाएगी। इस बड़े फैसले के सामने आने के बाद से ही यह सवाल लगातार उठ रहा था कि स्थानीय लोगों तक मानवीय सहायता कैसे पहुंचेगी और मौजूदा चौकियों का क्या होगा। इन सभी सवालों के जवाब देते हुए अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की स्थानीय टीम के साथ मिलकर लगातार काम चल रहा है ताकि मदद का सिलसिला थमे नहीं। इसके साथ ही लेबनानी सेना के साथ मिलकर संवेदनशील इलाकों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और आपसी तालमेल के जरिए स्थिति को संभाला जा रहा है।