यूनाइटेड एयरलाइंस की यात्री उड़ानों से इसराइल ले जाए जा रहे एफ-35 सैन्य उपकरण, रिपोर्ट में खुलासा

Aanya10 September 20262 min read32 viewsEnglish
यूनाइटेड एयरलाइंस की यात्री उड़ानों से इसराइल ले जाए जा रहे एफ-35 सैन्य उपकरण, रिपोर्ट में खुलासा

हाल ही में सामने आई शिपिंग रिपोर्ट और खोजी खुलासों से यह बात सामने आई है कि United Airlines के आम यात्रियों को ले जाने वाले विमानों का इस्तेमाल इसराइल के लिए सैन्य उपकरण ढोने में किया जा रहा है। इन उड़ानों के जरिए विशेष रूप से F-35 fighter jets के पार्ट्स पहुँचाए जा रहे हैं, जिन्हें लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। इस पूरी सप्लाई चेन में ऑस्ट्रेलिया में बने पार्ट्स शामिल हैं जो मुख्य रूप से RAAF Base Williamtown और एक BAE Systems sustainment depot से आ रहे हैं। इसके बाद इन सामानों को सैन फ्रांसिस्को और नेवार्क के रास्तों से होते हुए तेल अवीव के पास बने Ben Gurion Airport पर उतारा जाता है और फिर वहाँ से इन्हें सीधे Nevatim Airbase पहुँचाया जाता है.

ऑस्ट्रेनियाई और अमेरिकी रक्षा विभाग का कनेक्शन

Declassified Australia और Occupation Watch की तरफ से की गई जांच में यह बात सबसे पहले 19 August 2026 को सामने आई थी, जिसमें बताया गया कि इस नए रूट पर पहली खेप 10 December 2025 को भेजी गई थी। जानकारों के मुताबिक, इस नए रास्ते ने बैंकॉक से होकर जाने वाले पुराने रूट की जगह ली है। सामने आए सबूतों से यह पता चलता है कि इन सामानों में बेहद जरूरी हार्डवेयर शामिल हैं, जैसे कि F-35 के GAU-22/A cannon में लगने वाला एक खास गैस्केट। इस मामले पर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong का यह बयान सामने आया था कि उनका देश केवल गैर-घातक निर्यात करता है, लेकिन जिस तरह के सैन्य उपकरण ले जाए जा रहे हैं, उसके बाद से उनके इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सभी शिपमेंट्स में वे कंपोनेंट्स शामिल हैं जिनके मालिक U.S. Department of Defense है और जो मुख्य ठेकेदार Lockheed Martin के तहत वैश्विक F-35 सप्लाई चेन को संभालता है.

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) की चेतावनी

इस गंभीर मामले पर अभी तक न तो United Airlines और न ही Australian Department of Defence की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है। हालाँकि अमेरिकी रक्षा विभाग के निर्देश 4515.13 और 4500.56 सैन्य सामान के परिवहन के नियम तय करते हैं, लेकिन वे इस बात का कोई साफ जिक्र नहीं करते कि क्या इस तरह के सैन्य सामान को ले जाने के लिए आम कमर्शियल पैसेंजर उड़ानों का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। इसी सुरक्षा चिंता को देखते हुए 2 September 2026 को International Civil Aviation Organization (ICAO) ने एक बयान जारी किया था। इस बयान में संघर्ष वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने के लिए सैन्य और नागरिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की अपील की गई थी, ताकि सदस्य देश नागरिक विमानों की सुरक्षा पुख्ता कर सकें। रिकॉर्ड के अनुसार, नवंबर 2025 तक ऑस्ट्रेलिया से इसराइल के लिए एफ-35 पार्ट्स के कम से कम 71 शिपमेंट भेजे जा चुके थे जब से अक्टूबर 2023 में यह संघर्ष शुरू हुआ था.

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