नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए मसीहा बनी संस्था, रोज़ाना परोस रही है 2000 लोगों का खाना.

Nura Basta18 September 20263 min read17 viewsIndia
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए मसीहा बनी संस्था, रोज़ाना परोस रही है 2000 लोगों का खाना.

नेपाल में हाल ही में आए भयंकर बाढ़ और बारिश के बाद तबाही का मंजर देखने को मिला है, जहां आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे मुश्किल समय में मानवीय सहायता के लिए आगे आते हुए UNITED SIKHS संगठन के वालंटियर्स ने नुवाकोट इलाके में राहत कार्यों की कमान संभाल ली है। यह संस्था बाढ़ से पीड़ित परिवारों के लिए किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हो रही है और लगातार जरूरतमंदों की मदद में जुटी हुई है। संगठन की तरफ से बाढ़ प्रभावितों को हर संभव राहत पहुंचाई जा रही है ताकि इस आपदा की घड़ी में किसी को भी भूखा न रहना पड़े और उन्हें बुनियादी जरूरतें आसानी से मिल सकें।

रोज़ाना दो हजार लोगों के लिए बन रहा है ताजा भोजन

आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत अभियान के तहत संगठन के कार्यकर्ता हर दिन लगभग 2,000 लोगों के लिए ताजा और गरमागरम खाना तैयार कर रहे हैं। यह लंगर सेवा दिन में दो बार चलाई जा रही है, जिससे विस्थापित हुए परिवारों को बहुत बड़ा सहारा मिल रहा है। इस राहत कार्य में खासतौर पर उन बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है जो इस आपदा के कारण सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसके अलावा, नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस के वे जवान जो दिन-रात राहत और बचाव कार्यों में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, उन्हें भी इस लंगर के जरिए समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

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सूखा राशन और तंबू की सख्त जरूरत

जो परिवार खुद अपने लिए खाना बनाना चाहते हैं और शिविरों के बजाय अपने स्तर पर इंतजाम करना चाहते हैं, संगठन ऐसे लोगों तक सूखा राशन भी पहुंचा रहा है। खाने-पीने की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने के बाद अब संस्था का पूरा ध्यान उन लोगों को सिर पर छत देने पर है जिनके आशियाने बाढ़ में पूरी तरह उजड़ चुके हैं। संगठन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 65 अस्थायी शेल्टर यानी तंबू बनाने की बात कही है। इन अस्थाई आवासों के जरिए बेघर हुए परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जगह मिलेगी ताकि वे इस कठिन समय में कुछ राहत की सांस ले सकें और धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर सकें।

आगे पक्के मकान बनाने की भी है योजना

इस शुरुआती राहत कार्य और अस्थाई शेल्टर बनाने के प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद, संस्था द्वारा एक दूसरा चरण भी चलाया जाएगा। इस दूसरे चरण का मुख्य उद्देश्य बाढ़ में अपना सब कुछ गंवा चुके लोगों के लिए स्थायी घरों का निर्माण करना होगा ताकि वे हमेशा के लिए सुरक्षित हो सकें। UNITED SIKHS के डायरेक्टर M.J. Singh ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि जब संकट के समय पूरा समाज एक साथ मिलकर काम करता है, तो निस्वार्थ सेवा के जरिए क्या कुछ हासिल किया जा सकता है, यह उसका एक बहुत बड़ा उदाहरण है। उन्होंने अपने वालंटियर्स की तारीफ की जो बिना थके बाढ़ पीड़ितों और उनकी रक्षा करने वाले जवानों की लगातार सेवा में जुटे हुए हैं।

दानदाताओं से मदद की अपील

इस बड़े राहत अभियान को सुचारू रूप से चलाने और आगे बढ़ाने के लिए संस्था ने देश-दुनिया के दानदाताओं, सहयोगी संगठनों और आम जनता से खुलकर आगे आने की अपील की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में चल रहे लंगर और शेल्टर निर्माण के कामों को तभी सफलता मिलेगी जब समाज के सभी लोग मिलकर इसमें अपना सहयोग देंगे। इस बारे में अधिक जानकारी और सहायता प्रदान करने के आधिकारिक विवरण के लिए आप ANI News की वेबसाइट पर जा सकते हैं और पूरी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

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