सऊदी पर लगातार हमले, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हुती विद्रोहियों को दी कड़ी चेतावनी.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC ने सऊदी अरब पर हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों में आम नागरिकों और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया था। सुरक्षा परिषद ने हुती मिलिशिया को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपनी सैन्य गतिविधियों को रोक दें और शांति बनाए रखने के लिए आगे आएं।
सऊदी अरब को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार
परिषद के सभी सदस्यों ने पिछले 7 अगस्त को दिए गए अपने बयान को फिर से दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। इसके अलावा, लाल सागर और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में जहाजों को मिलने वाली धमकियों पर भी गहरी चिंता जताई गई है।
संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री नेविगेशन के अधिकारों की रक्षा करना बेहद जरूरी है। इस बारे में अधिक जानकारी आधिकारिक Saudi Press Agency की वेबसाइट पर दी गई है।
बढ़ता तनाव और मानवीय संकट
जुलाई की शुरुआत से ही क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे अप्रैल 2022 में हुए संयुक्त राष्ट्र समर्थित समझौते की शांति टूट गई है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी खालिद खियारी ने 16 सितंबर 2026 को एक आपातकालीन बैठक में यह बात रखी कि इस तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजारों और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी OCHA की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से अब तक कम से कम 125,000 लोगों को अपना घर छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ब्रिटेन के आधिकारिक बयान में भी यह बात सामने आई है कि इस बढ़ते तनाव की पूरी जिम्मेदारी हुती विद्रोहियों की है, जिसकी विस्तृत जानकारी UK Government की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
सुरक्षा और शांति के प्रयास
हुती गुट ने दावा किया था कि 18 सितंबर 2026 को सऊदी अरब ने 24 घंटे के भीतर 26 हमले किए। वहीं इसके तुरंत बाद, 19 सितंबर 2026 को रियाद और अल-खार्ज में मिसाइल हमलों को हवा में नाकाम करने के बाद सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने अलर्ट जारी किया और बाद में हालात सामान्य होने पर उसे हटा लिया।
सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2216 को पूरी तरह से लागू करने और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए यमनी सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपील की है। परिषद ने यमन की संप्रभुता का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग के उन प्रयासों की सराहना की है जो राजनीतिक बातचीत के जरिए शांति स्थापित करना चाहते हैं।