अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर परियोजना में बड़ा हादसा, 545 लोग अब भी लापता और तलाश जारी।

नेपाल में भारी बाढ़ और तबाही के बीच अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना स्थल पर हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ के कारण मचे इस भारी विध्वंस में 545 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। परियोजना प्रबंधन के अनुसार सुरंग और हेडबॉक्स जैसे कठिन हिस्सों में खोजबीन का काम लगातार जारी है ताकि फंसे हुए लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
तलाशी अभियान में जुटी कई अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय टीमें
लापता लोगों को ढूंढने के लिए नेपाल सरकार और परियोजना प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस बचाव कार्य में नेपाली सेना, नेपाल ड्रोन एसोसिएशन, कोरियाई टीम और अनुभवी शेरपाओं सहित कई विशेष दल शामिल हैं। इसके अलावा मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित सर्च डॉग यानी खोजी कुत्तों की मदद भी ली जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक भारत, चीन और कोरिया गणराज्य की टनल बचाव टीमें भी नेपाली सेना के साथ मिलकर इस बड़े अभियान को अंजाम दे रही हैं।
परियोजना में कितने लोग थे कार्यरत और कितने बचाए गए
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जब यह भीषण बाढ़ आई थी, तब उस समय परियोजना स्थल पर कुल 1,433 कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। आपदा आने के तुरंत बाद चलाए गए शुरुआती बचाव कार्यों के दौरान अब तक कुल 878 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं और उनके परिवारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
विभिन्न देशों के नागरिक हैं लापता
इस भीषण हादसे में केवल स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि अलग-अलग देशों के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। वर्तमान में जो 545 लोग लापता हैं, उनमें 9 दक्षिण कोरियाई नागरिक, 34 चीनी नागरिक और 50 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाकी बचे अन्य सभी लापता लोग नेपाल के ही स्थानीय नागरिक हैं। इस आपदा ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है और हर कोई अपनों की सलामती की दुआ मांग रहा है।
व्यापक बचाव कार्य और राहत राशि का ऐलान
नेपाल के अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों जैसे अपर त्रिशूली 1, अपर त्रिशूली 3ए, अपर त्रिशूली 3बी, चिलिमे, रसुवागढी और लांगटांग में भी एक साथ खोज और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। राहत कार्यों में संयुक्त अरब अमीरात की खोज और बचाव टीम, मलेशियाई विशेष आपदा सहायता टीम और ऑस्ट्रेलिया की आपदा सहायता टीम भी अपना पूरा सहयोग दे रही हैं। इस बीच 216 मेगावाट अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर परियोजना से जुड़ी कंपनियों ने प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को फौरी तौर पर वित्तीय राहत तथा मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।