उरुग्वे में एवियन इन्फ्लूएंजा का खतरा, एच5 वायरस मिलने के बाद देश भर में लगी इमरजेंसी.

Praggya Singh sabal5 September 20263 min read36 viewsWorld
उरुग्वे में एवियन इन्फ्लूएंजा का खतरा, एच5 वायरस मिलने के बाद देश भर में लगी इमरजेंसी.

दक्षिण अमेरिकी देश उरुग्वे में खतरनाक एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। देश के घरेलू पोल्ट्री फार्म्स में अत्यधिक घातक H5 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पाए जाने के बाद सरकार ने पूरे देश में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक, यह गंभीर मामला सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आम जनता और पोल्ट्री पालकों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि इस बीमारी को इंसानों तक पहुंचने से रोका जा सके।

कैसे हुई वायरस की पुष्टि और क्या हैं नए नियम

पशुधन, कृषि और मत्स्य पालन मंत्रालय के तहत आने वाले पशुधन सेवा महानिदेशालय ने दक्षिण-पश्चिमी कोलोनिया क्षेत्र में इस खतरनाक वायरस के संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि की है। इस इलाके में अचानक पक्षियों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत जांच का काम शुरू कर दिया था। शुरुआत में किए गए रैपिड टेस्ट में संक्रमण साफ तौर पर सामने नहीं आया था, लेकिन जब सरकारी प्रयोगशाला में विस्तार से जांच की गई तब जाकर H5 वायरस की मौजूदगी का खुलासा हुआ। इसके तुरंत बाद सरकार ने आपातकालीन आदेश जारी कर दिए हैं और प्रभावित इलाकों में कई तरह के कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।

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पोल्ट्री की आवाजाही पर रोक और घरेलू पक्षियों के लिए निर्देश

संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पोल्ट्री पक्षियों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके अलावा पक्षियों से जुड़े मेलों, नीलामी और सार्वजनिक प्रदर्शनियों के आयोजन पर भी कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिन लोगों ने अपने घरों में बिना किसी व्यावसायिक उद्देश्य के पक्षी पाले हुए हैं, उनकी घरेलू आवाजाही पर भी पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, जो पक्षी सरकारी पोल्ट्री निगरानी प्रणाली के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें कुछ खास परिस्थितियों में इस नियम से छूट दी गई है। इसके साथ ही अधिकारियों ने आम लोगों को निर्देश दिए हैं कि वे घरों में खुले तौर पर घूमने वाले पक्षियों को तुरंत बंद और ढकी हुई जगहों पर रखें, ताकि उनका किसी भी हाल में जंगली पक्षियों से कोई संपर्क न हो सके।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और जैव-सुरक्षा उपाय

स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित जगहों पर संक्रमित पक्षियों या उनके संपर्क में आए अन्य पक्षियों को नियम के अनुसार मारने और उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही संभावित रूप से दूषित हो चुकी जगहों और अन्य सामग्रियों की बड़े पैमाने पर सफाई और कीटाणुशोधन का काम तेजी से किया जा रहा है। पोल्ट्री उत्पादकों से कहा गया है कि वे बेहद कड़े जैव-सुरक्षा उपायों का पालन करें। इनमें बिना अनुमति के किसी भी व्यक्ति या वाहन को अंदर आने से रोकना, जंगली पक्षियों को पानी और चारे से दूर रखना तथा फार्म का नियमित रूप से कीटाणुशोधन करना शामिल है।

क्या इंसानों के लिए है कोई खतरा

उरुग्वे के अधिकारियों ने साफ किया है कि पोल्ट्री का मांस और अंडे खाने से आम तौर पर इंसानों को कोई बड़ा स्वास्थ्य जोखिम नहीं होता है, बशर्ते उन्हें पूरी तरह से साफ-सुथरे तरीके से संभाला जाए और अच्छी तरह से पकाया जाए। फिर भी एहतियात के तौर पर कृषि और स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन सभी लोगों पर लगातार नजर रख रही हैं जो किसी भी तरह से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आए हैं। एवियन इन्फ्लूएंजा यानी H5N1 एक बेहद खतरनाक उपप्रकार है जो मुख्य रूप से पक्षियों को अपना शिकार बनाता है, लेकिन संक्रमित पक्षियों के बहुत पास जाने पर यह इंसानों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक इंसान से इंसान में इसके लगातार फैलने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी बीमार या मृत पक्षी को अपने हाथों से बिल्कुल न छुएं और ऐसी किसी भी स्थिति की तुरंत जानकारी संबंधित स्वास्थ्य या पशु चिकित्सा अधिकारियों को दें।

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