होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका ने ईरान के सात दिवसीय प्लान को कुछ शर्तों के साथ स्वीकार किया

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान के सात दिवसीय प्लान को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, वॉशिंगटन ने इस प्रस्ताव में कुछ अतिरिक्त प्रावधानों की मांग की है। अराघची के मुताबिक, इस योजना में छठे दिन तक जलमार्ग को पूरी तरह से चालू करने की समयसीमा तय की गई है।
ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका अपनी मौजूदा राजनयिक प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक जलमार्ग समुद्री यातायात के लिए बंद रहेगा। इसमें विशेष रूप से इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) का पालन करने की बात कही गई है। साथ ही ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने समृद्ध परमाणु सामग्री को देश से बाहर नहीं भेजेगा।
अराघची ने बताया कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास है, जिससे राजनयिक प्रक्रिया जटिल बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछली बातचीत असफल रही क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान हुई समझ को पूरा नहीं किया गया था। फिलहाल पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर तेहरान के दौरे पर हैं और उन्होंने अराघची सहित ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की है।
दूसरी तरफ अमेरिकी अधिकारियों ने अपना कड़ा रुख बरकरार रखा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि शांति समझौता करना मुश्किल है और जब तक ईरान वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना बंद नहीं करता, आर्थिक दबाव जारी रहेगा। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दोहराया कि वॉशिंगटन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए और सैन्य कार्रवाई करने को तैयार है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की संवर्धन क्षमता में सार्थक कमी लाने की मांग की है। विश्लेषकों का मानना है कि 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले यह मांग प्रगति को और मुश्किल बना सकती है।
क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है। पिछले 24 घंटों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक माइन से टकराने के बाद 20 लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल से लदे एक सुपरटैंकर में विस्फोट हो गया। इस अस्थिरता के जवाब में अमेरिका क्षेत्र में अपना तीसरा विमानवाहक पोत और लगभग 10,000 सैन्यकर्मी तैनात कर रहा है। इसी बीच सऊदी अरब ने रियाद के ऊपर एक ड्रोन को रोकने की जानकारी दी है।