अमेरिका और ब्रिटेन के बीच बढ़ा विवाद, राजदूत माइक हकाबी ने ब्रिटिश मंत्री पर लगाया यह बड़ा आरोप.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस वक्त गर्माहट आ गई जब 5 सितंबर 2026 को इजराइल में अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने ब्रिटेन के विदेश सचिव Ed Miliband पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। अमेरिकी राजदूत ने ब्रिटिश मंत्री पर यहूदी नफरत को बढ़ावा देने की बात कही और यहां तक कह दिया कि ब्रिटिश सरकार अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है। इस तीखे बयान के बाद दोनों देशों के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और दुनिया भर की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
गाजा की स्थिति पर सामने आया था वीडियो
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ब्रिटिश विदेश मंत्री Ed Miliband ने गाजा की मानवीय स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। अपने इस संदेश में उन्होंने वहां के हालात को बेहद डरावना बताया और कहा कि बच्चे इलाज के इंतजार में अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जरूरी मेडिकल सप्लाई को रोका जा रहा है। आपको बता दें कि Ed Miliband के माता-पिता नाजी अत्याचारों से बचे यहूदी शरणार्थी थे, जिसके कारण उनके इस बयान को काफी संवेदनशील माना जा रहा था। इस पूरी स्थिति की आधिकारिक जानकारी ब्रिटिश सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी देखी जा सकती है।
इजराइल सरकार का कड़ा रुख
अमेरिकी राजदूत के आरोपों और ब्रिटिश मंत्री के बयानों के बीच इजराइल का विदेश मंत्रालय भी पूरी तरह सक्रिय हो गया। इजराइली मंत्रालय ने Ed Miliband के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्रालय की तरफ से साफ बताया गया कि मेडिकल सामानों के आने पर किसी भी तरह की कोई रोक नहीं लगाई गई है। आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि जब से संघर्ष विराम शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक गाजा पट्टी में कुल 22,500 टन मेडिकल आपूर्ति पहुंचाई जा चुकी है। इजराइली अधिकारियों ने यह भी कहा कि ब्रिटिश मंत्री तथ्यों को दरकिनार कर केवल अपनी व्यक्तिगत कहानियों और भावनाओं को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। इस संबंध में नियुक्ति के समय जारी किए गए बयानों को यूके सरकार की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।
वेस्ट बैंक का दौरा और अन्य गतिविधियां
एक तरफ जहां कूटनीतिक स्तर पर जुबानी जंग जारी थी, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee ने 5 सितंबर 2026 को वेस्ट बैंक के एक कस्बे Turmus Ayya का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रहने वाले फलस्तीनी-अमेरिकी नागरिकों से मुलाकात की। अपनी इस यात्रा में उन्होंने इजराइली बस्तियों में हो रही हिंसा की कड़ी निंदा की और ऐसी हिंसक घटनाओं को स्पष्ट रूप से आतंकवाद करार दिया। इन तमाम घटनाओं और बयानों को सबसे पहले प्रमुख मीडिया संस्थान Al Jazeera English द्वारा 6 सितंबर 2026 को प्रसारित किया गया था, जिसके बाद से यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।