ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चर्चा पर बोले अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी, ट्रंप और नेतन्याहू लेंगे फैसला
इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं पर बात की। जानें नेतन्याहू और ट्रंप का क्या रुख है।

तेल अवीव: इजरायल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के रणनीतिक फैसले पूरी तरह से इजरायली नेतृत्व और व्हाइट हाउस के बीच लिए जाते हैं।
28 अक्टूबर 2026 को दिए गए अपने बयान में राजदूत हकाबी ने कहा कि भविष्य में ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई की सटीक जानकारी केवल इजरायल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब 27 अक्टूबर 2026 को हुए चुनावों के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी सत्ता बरकरार रखते दिख रहे हैं। नेतन्याहू ने मौजूदा समय को राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर काम करने का एक खास मौका बताया है।
नेतन्याहू ने कहा कि वे ट्रंप के साथ मिलकर ईरान से जुड़े उस खतरे को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं जिसे वे अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं। उन्होंने ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियानों की संभावना पर खुलकर बात की है।
इजरायली प्रधानमंत्री का मानना है कि वाशिंगटन के साथ मौजूदा तालमेल ईरान के प्रभाव को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
दूसरी तरफ ईरान ने इस स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। 28 अक्टूबर 2026 को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि अगर इजरायल ने खाड़ी क्षेत्र में कोई सैन्य हमला किया, तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए इसके नतीजे बहुत बुरे होंगे।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब तेहरान, यरूशलेम और वाशिंगटन के बीच तनाव चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य में बुनियादी ढांचे से जुड़ी घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं।