अमेरिका के राजदूत माइक ह Huckabee ने की फिलिस्तीनी परिवारों से मुलाकात, वेस्ट बैंक हिंसा पर दिया बड़ा बयान.

अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने हाल ही में वेस्ट बैंक में उन फिलिस्तीनी परिवारों से मुलाकात की जिनके अपनों की जान इस्रायली प्रवासियों की हिंसा में चली गई थी। यह दौरा 5 सितंबर 2026 को हुआ, जिससे ठीक एक दिन पहले यानी 4 सितंबर 2026 को उन्होंने फिलिस्तीनियों पर हमले करने वाले इस्रायली प्रवासियों को खुलेआम आतंकवादी कहा था। इस मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है क्योंकि अमेरिका के किसी बड़े अधिकारी का इस तरह से सीधे पीड़ित परिवारों से मिलना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हिंसा से इस्रायल की छवि को हो रहा नुकसान
राजदूत Mike Huckabee ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि इस तरह की हिंसा से दुनिया भर में इस्रायल की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की वजह से अमेरिका के लोगों और रिपब्लिकन पार्टी के भीतर इस्रायल को लेकर नकारात्मक सोच बन रही है। उनके मुताबिक, हिंसा करने वाले लोग असल में वहां रहने वाली आम आबादी का हिस्सा नहीं हैं बल्कि वे चरमपंथियों का एक बहुत छोटा समूह हैं। हालांकि, इन कुछ लोगों की हरकतें पूरे इलाके के लोगों की छवि को खराब कर रही हैं। इससे पहले भी उन्होंने फिलिस्तीनी-अमेरिकी नागरिक Saifullah Kamel Musallet की हत्या को एक आपराधिक और आतंकवादी कृत्य बताया था।
हिंसा में हुई बढ़ोतरी और चरमपंथियों की प्रतिक्रिया
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब वेस्ट बैंक में हिंसा के मामलों में काफी तेजी आई है। इस्रायल की खुफिया एजेंसी Shin Bet की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में पिछले साल यानी 2025 के मुकाबले यहूदी चरमपंथियों द्वारा किए जाने वाले हमलों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजदूत के कड़े बयानों के बाद चरमपंथियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। नाबुलस गवर्नरेट के बाज़ारिया इलाके में एक मस्जिद पर हमला किया गया और वहां राजदूत के खिलाफ नस्लीय और अपमानजनक बातें लिख दी गईं।
अधिकारियों के बयान और नीतिगत रुख
एक तरफ जहां Mike Huckabee प्रवासियों की हिंसा के खिलाफ सख्त रुख अपना रहे हैं, वहीं उनकी नीतियां थोड़ी जटिल भी हैं। उन्होंने पहले कहा था कि वेस्ट बैंक में कब्जा करने वालों की मौजूदगी कानूनी है, जो कि संयुक्त राष्ट्र के उस रुख के बिल्कुल उलट है जिसके तहत बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ माना जाता है। इस बीच, इस्रायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल Eyal Zamir और मेजर जनरल Avi Bluth ने भी इस चरमपंथी हिंसा की कड़ी निंदा की है। सेना प्रमुख Eyal Zamir ने इन हरकतों को नैतिकता के बिल्कुल खिलाफ बताया। देश के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी इन हमलावरों को हुड़दंगियों का एक छोटा सा समूह करार दिया है।