तुर्किये में अमेरिकी राजदूत ने इस वीकेंड ईरान पर हमले की संभावना जताई लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता

तुर्किये में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने इस वीकेंड ईरान पर हमले की संभावना जताई है, हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इससे दूरी बना ली है।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
तुर्किये में अमेरिकी राजदूत ने इस वीकेंड ईरान पर हमले की संभावना जताई लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता

अंकारा (तुर्किये): तुर्किये में अमेरिकी राजदूत और सीरिया व इराक के विशेष दूत टॉम बैरक ने चेतावनी दी है कि इस वीकेंड ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमला हो सकता है। लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नवल के साथ एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या हमला जल्द होने वाला है, तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया।

बैरक ने साफ किया कि अमेरिका का मकसद तेहरान में सत्ता बदलना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति का संतुलन बनाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका, उसके सहयोगियों और खाड़ी देशों के खिलाफ जारी खतरों के नतीजे भुगतने होंगे।

दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजदूत के इन बयानों से खुद को अलग कर लिया है। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी नहीं है। उन्होंने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या वह उनके राजदूत थे और कहा कि अगर ऐसा है, तो उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता।

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हालांकि, ट्रंप ने भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने 'एपिक फ्यूरी' अभियान की संभावित योजनाओं का जिक्र किया।

यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खमेनेई मारे गए थे। इसके बाद जून 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता से अस्थायी युद्धविराम हुआ था। फिलहाल पाकिस्तान और कतर जैसे देश इस विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसी बीच 23 अक्टूबर 2026 को इस्तांबुल में तुर्किये, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन समेत आठ यूरोपीय और मध्य पूर्वी देशों ने एक शिखर सम्मेलन किया। इस बैठक में सभी देशों ने अमेरिका और इजरायल से अपील की है कि वे दोबारा हमले न करें।

क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है क्योंकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी ठिकानों और समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों जैसे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। साथ ही, ईरानी नौसेना और ड्रोन ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी कर रखी है।

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