सऊदी अरब को अमेरिका से मिला बड़ा तोहफा, 48 F-35 फाइटर जेट्स की डील को मिली मंजूरी.

Nura Basta18 September 20263 min read33 viewsSaudi
सऊदी अरब को अमेरिका से मिला बड़ा तोहफा, 48 F-35 फाइटर जेट्स की डील को मिली मंजूरी.

अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब के लिए एक बड़े रक्षा सौदे को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत देश को आधुनिक हथियारों से लैस किया जाएगा। इस संभावित विदेशी सैन्य बिक्री के तहत 48 F-35 लाइटनिंग 2 फाइटर एयरक्राफ्ट और उससे जुड़े अन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इस पूरी रक्षा डील की अनुमानित लागत करीब USD 24.3 बिलियन यानी भारतीय रुपये में बहुत बड़ी राशि तय की गई है। इस समझौते से खाड़ी क्षेत्र में सामरिक स्थिति और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

रक्षा पैकेज में क्या-क्या शामिल है

अमेरिकी विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस प्रस्तावित सौदे में पारंपरिक रूप से टेकऑफ़ और लैंडिंग करने में सक्षम 48 F-35 विमान शामिल हैं। इसके अलावा इसमें 49 Pratt & Whitney F135-PW-100 इंजन भी शामिल किए गए हैं, जिनमें से 48 इंजन विमानों में फिट किए जाएंगे और 1 इंजन अतिरिक्त स्पेयर के रूप में दिया जाएगा। इस भारी-भरकम पैकेज में केवल विमान ही नहीं, बल्कि सुरक्षित संचार प्रणाली, सटीक नेविगेशन उपकरण, क्रैप्टोग्राफिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध डेटाबेस सहायता और हथियारों के लिए जरूरी तमाम सपोर्ट उपकरण भी शामिल हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इसके साथ ही सौदे के तहत स्पेयर पार्ट्स, ट्रेनिंग उपकरण, अत्याधुनिक सिमुलेटर, सॉफ्टवेयर, तकनीकी दस्तावेज और लॉजिस्टिक्स सहायता जैसी कई अन्य जरूरी चीजें भी प्रदान की जाएंगी। इस पूरे रक्षा सौदे को अमलीजामा पहनाने के लिए अमेरिका की दिग्गज कंपनी Lockheed Martin Aeronautics Company जो कि फोर्ट वर्थ, टेक्सास में स्थित है, और Pratt & Whitney Military Engines जो कि ईस्ट हार्टफ़ोर्ड, कनेक्टिकट में स्थित है, मुख्य ठेकेदार के रूप में काम करेंगी।

अमेरिका और सऊदी अरब के संबंधों पर असर

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह प्रस्तावित बिक्री संयुक्त राज्य अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्यों का समर्थन करती है। अमेरिका इस देश को खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का एक बड़ा गैर-नाटो सहयोगी मानता है, जिसकी सुरक्षा को बढ़ाना अमेरिका के लिए भी अहम है। इस डील के जरिए सऊदी अरब की घरेलू रक्षा प्रणाली मजबूत होगी और भविष्य के खतरों से निपटने की उसकी क्षमता में काफी इजाफा होगा।

इस बिक्री से अमेरिकी सेना और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ सऊदी बलों की आपसी तालमेल यानी इंटरऑपरेबिलिटी भी बेहतर होगी। अमेरिकी सरकार का मानना है कि इस कदम से सऊदी अरब के ऑपरेशनल विमानों की संख्या बढ़ेगी और उसकी हवा से हवा तथा हवा से जमीन पर मार करने की आत्मरक्षा क्षमता और अधिक मजबूत हो जाएगी। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि इस प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र के मौजूदा सैन्य संतुलन में कोई बदलाव नहीं आएगा।

अन्य जरूरी जानकारियां

इस संभावित बिक्री के संबंध में विभाग को फिलहाल किसी भी ऑफसेट समझौते की कोई जानकारी नहीं मिली है। इस तरह का कोई भी समझौता सऊदी अरब और संबंधित ठेकेदारों के बीच होने वाली आपसी बातचीत के बाद ही तय किया जाएगा। इसके अलावा इस सौदे को लागू करने के लिए सऊदी अरब में अमेरिकी सरकार या किसी ठेकेदार के अतिरिक्त प्रतिनिधियों को भेजने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस पूरी आधिकारिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment