हूतियों की सैन्य ताकत के पीछे ईरान का हाथ, अमेरिकी विदेश मंत्री ने लगाया आरोप
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सऊदी अरब पर हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। जानें क्या है अमेरिका और ईरान का ताजा रुख।

वॉशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि हूती विद्रोहियों के पास मौजूद सैन्य क्षमताएं ईरान की वजह से हैं। 1 नवंबर, 2026 को दिए अपने बयान में रुबियो ने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब के खिलाफ हो रहे लगातार हमले सीधे तौर पर ईरान द्वारा हूती मिलिशिया को दिए जा रहे समर्थन का नतीजा हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने भी 31 अक्टूबर, 2026 को इसी तरह की बात कही थी। अल-ज़ौबा के मुताबिक, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा के लिए ईरान द्वारा हूतियों को दी जा रही मदद को तुरंत रोकना होगा। उन्होंने हूतियों पर पूर्ण हथियार प्रतिबंध लगाने और यमनी राष्ट्रीय संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय समर्थन बढ़ाने की मांग की है।
अमेरिका फिलहाल हूती हमलों का मुकाबला करने के लिए सऊदी अरब को खुफिया जानकारी और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा है। मार्को रुबियो ने यह भी साफ किया कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ राजनयिक समाधान के लिए तैयार है। इस दिशा में दोहा में मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है, हालांकि किसी समझौते के लिए अभी कोई समय सीमा तय नहीं हुई है।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक प्रत्यक्ष सैन्य अभियानों को फिर से शुरू करने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। हमलों पर लगी मौजूदा रोक 3 नवंबर, 2026 को समाप्त होने वाली है।
मैदानी रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा तनाव बरकरार है। अमेरिकी सेना लगातार हूतियों द्वारा लॉन्च किए गए ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइलों को नाकाम कर रही है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है।