अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर दिया जोर, ईरान के खिलाफ उठाए कड़े कदम

Nura Basta19 September 20262 min read20 viewsWorld
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर दिया जोर, ईरान के खिलाफ उठाए कड़े कदम

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर Admiral Brad Cooper ने हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी किया है जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना द्वारा हासिल की गई सुरक्षा और व्यापार से जुड़ी बड़ी सफलताओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी बलों ने गल्फ क्षेत्र से निकलने वाले 1 अरब बैरल से अधिक कच्चे तेल के परिवहन को सुरक्षित समर्थन दिया है। यह सफलता पिछले कुछ महीनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए हासिल की गई है जिससे क्षेत्रीय व्यापार को एक नई गति मिली है।

वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और व्यापार

कमांड ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अमेरिकी सेना ने 2,000 से अधिक कमर्शियल जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पार कराने में मदद की है। कोऑर्डिनेटेड प्रोटेक्शन के तहत मुख्य ट्रांजिट लेन को बारूदी सुरंगों से पूरी तरह सुरक्षित और साफ रखा गया है। गल्फ सहयोग परिषद के सभी छह सदस्य देशों, बीमा कंपनियों और शिपिंग एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने से इस मार्ग पर ट्रैफिक की आवाजाही में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले दो हफ्तों में कच्चे तेल, कार्गो और लिक्विड नेचुरल गैस का कुल वॉल्यूम पिछले छह महीनों के मुकाबले सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है।

युद्ध का वित्तीय और मानवीय खर्च

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का आर्थिक और मानवीय बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध पर कुल खर्च 45.1 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। पेंटागन ने कानून निर्माताओं को जानकारी दी थी कि 3 सितंबर तक युद्ध का खर्च 43.6 अरब डॉलर था जिसमें अतिरिक्त ईंधन जरूरतों के लिए 1.5 अरब डॉलर और जोड़े गए हैं। वहीं वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेवा के सदस्यों की मौत का आंकड़ा आधिकारिक रूप से बताए गए 18 से बढ़कर कम से कम 22 तक पहुंच गया है। एक अन्य अधिकारी ने यह संख्या 23 बताई है जिसमें कुछ मौतें क्षेत्रीय कर्मियों की सक्रिय झड़पों के दौरान होने की बात कही गई है। इसके अलावा इस संघर्ष में तीन ठेकेदारों की भी जान गई है जबकि पेंटागन ने इन आंकड़ों पर किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से मना कर दिया है।

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