ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी सख्त: 125 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला गया

ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि उन्होंने अब तक 125 वाणिज्यिक जहाजों के मार्ग को सफलतापूर्वक बदल दिया है। यह कदम ईरान के तेल निर्यात को रोकने और अंतरराष्ट्रीय नियमों को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नाकाबंदी का बढ़ता प्रभाव और रणनीतिक बदलाव
सेंट्रल कमांड के अनुसार, सितंबर के अंत में यह संख्या 122 थी, जो अब बढ़कर 125 हो गई है। यह नाकाबंदी जुलाई 2026 के मध्य में शुरू की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अपने बंदरगाहों से तेल का निर्यात न कर सके, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा और पहुंच को बनाए रखा जा सके।
क्षेत्र में तनाव पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ गया है। इस संघर्ष के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं:
- जुलाई का हमला: वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में, CENTCOM ने 80 से अधिक ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी।
- मरीन सैनिकों पर हमला: 14 सितंबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक ईरानी मिसाइल हमले में अमेरिकी मरीन से भरा एक जहाज निशाना बना, जिसमें आठ सैनिक घायल हो गए थे।
- जहाजों का संचालन: अमेरिकी नौसेना के प्रमुख युद्धपोत, जैसे USS Boxer और USS George H.W. Bush, इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
तेल आपूर्ति और सुरक्षा पर अमेरिकी रुख
CENTCOM के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल ब्रैड कूपर ने एक परिचालन अपडेट में बताया कि अमेरिकी बलों ने पिछले दो महीनों के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से एक अरब बैरल से अधिक तेल के सुरक्षित पारगमन (transit) को सुगम बनाया है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वाशिंगटन वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। हालांकि क्षेत्र में तनाव चरम पर है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल ईरानी सरकार के साथ किसी त्वरित समझौते की तलाश में नहीं हैं।