सोशल मीडिया पर बढ़ी एंटी-इंडियन हेट स्पीच तो अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बिग टेक कंपनियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की

वॉशिंगटन: अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय, दक्षिण एशियाई और हिंदू विरोधी नफरत भरे भाषणों में हुई भारी बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां ऑनलाइन नफरत फैलने से मुनाफा कमा रही हैं।
बुधवार को बोलते हुए कृष्णमूर्ति ने कहा कि सोशल मीडिया पर एंटी-इंडियन हेट तेजी से बढ़ रहा है और बिग टेक कंपनियां इससे लाभ उठा रही हैं। उनके मुताबिक इन कंपनियों के पास उस नफरत को रोकने का कोई कारण नहीं है जिसे फैलाने में वे खुद मदद करती हैं, इसलिए कांग्रेस को उन्हें जवाबदेह बनाना चाहिए।
सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के रिसर्च का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि एक्स (X) पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत भरे पोस्ट में हर महीने 240 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार 18 महीनों के दौरान दक्षिण एशियाई लोगों को निशाना बनाने वाले लगभग 5,42,360 नफरत भरे पोस्ट दर्ज किए गए।
इन पोस्ट्स में करीब 45 प्रतिशत कंटेंट ऐसा था जिसमें इस समुदाय को हमलावर, नौकरी चुराने वाला या जनसांख्यिकीय खतरा बताया गया था।
सांसद ने केवल कंपनियों ही नहीं बल्कि राजनीतिक हस्तियों और ट्रंप प्रशासन की बयानबाजी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से दक्षिण एशियाई समुदायों के प्रति शत्रुता का माहौल बनता है।
कृष्णमूर्ति ने डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) द्वारा एक सिख व्यक्ति को निशाना बनाने वाले पोस्ट का जिक्र किया, जिसे बाद में हटा दिया गया था। उन्होंने इस घटना को एक अन्य अपराध से जोड़ा जिसमें एक सिख ट्रक ड्राइवर को कई बार चाकू मारा गया था।
उन्होंने चेतावनी दी कि वरिष्ठ सरकारी नेताओं की ऐसी बयानबाजी देश में ध्रुवीकरण को बढ़ाती है और अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ नफरत भरे अपराधों को बढ़ावा देती है।