US Defense Secretary Hegseth ने वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट को बताया पूरी तरह झूठ, ईरान युद्ध में मौतों पर किया खंडन.

अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने उस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा है। 18 सितंबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खबर को एक बड़ा झूठ बताया और इसकी तुलना ईरान के सरकारी मीडिया से कर दी। उन्होंने इस रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद करार दिया है।
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट और आंकड़े
The Washington Post ने रक्षा विभाग के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट छापी थी। इसमें दावा किया गया था कि इस संघर्ष में कम से कम 22 या 23 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं। यह संख्या पेंटागन की आधिकारिक डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम यानी DCAS में दर्ज 18 मौतों से कम से कम चार ज्यादा है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, Operation Epic Fury में 14 मौतें हुई हैं और जुलाई में संघर्ष विराम टूटने के बाद शुरू हुए अभियानों में 4 अन्य मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, युद्ध की शुरुआत से अब तक तीन अमेरिकी ठेकेदारों की भी जान जा चुकी है और 820 से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं।
सैन्य खर्च और राष्ट्रपति ट्रंप का बयान
अमेरिकी रक्षा विभाग ने कांग्रेस समितियों को यह जानकारी दी है कि 3 सितंबर 2026 तक ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों पर कुल खर्च लगभग $43.6 billion यानी 43.6 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पूरे विवाद पर बात करते हुए कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास ईरानी शासन को पूरी तरह तबाह करने की ताकत है, लेकिन वे इस मामले में कूटनीतिक समाधान चाहते हैं।
तनाव और कूटनीतिक गतिविधियां
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है क्योंकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी जारी रखी है और अब तक 105 कमर्शियल जहाजों को दिशा निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक पैनल ने यह बयान दिया है कि शुरुआती अमेरिकी हमलों में युद्ध अपराध होने की उचित आशंका है। तेहरान में बासिज मिलिशिया ने बड़ी रैलियां निकाली हैं और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान अपने परमाणु ठिकाने की सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है। इन सबके बावजूद, अमेरिका ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi को न्यूयॉर्क में होने वाली आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए वीजा दे दिया है।