अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर किए सीमित हमले, जून के बाद पहली बार

अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर रक्षात्मक हमले किए हैं। यह कार्रवाई IRGC द्वारा अमेरिकी विमान पर मिसाइल दागने के बाद की गई है।

Gautam Sahu3 November 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर किए सीमित हमले, जून के बाद पहली बार

केशम द्वीप: अमेरिकी सेना ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को ईरान के केशम द्वीप पर सीमित रक्षात्मक हमले किए हैं। जून के बाद इस द्वीप पर यह अपनी तरह का पहला हमला है। हाल के हफ्तों में अमेरिका ने इस तरह के कई छोटे और गुप्त ऑपरेशन चलाए हैं।

आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की गई जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी विमान पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी। ईरानी राज्य मीडिया ने द्वीप पर पांच तेज धमाकों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय निवासियों ने आसमान में विमान देखे होने की बात कही है।

इस सैन्य तनाव के बीच दोनों देश कूटनीतिक रास्तों को भी खुला रखे हुए हैं। आठ महीने पुराने इस संघर्ष को खत्म करने के लिए अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है और दोनों पक्षों के अधिकारियों ने इन परामर्शों में तेजी आने की बात कही है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संभावित समझौते को लेकर सार्वजनिक रूप से उम्मीद जताई है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि राजनयिक चर्चाएं इस समय बेहद गहन स्तर पर चल रही हैं।

खबर है कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने ईरानी प्रशासन को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के उद्देश्य से राजनयिक समाधान खोजने के लिए व्यापक अधिकार दिए हैं। ईरान ने एक प्रस्ताव पेश किया है जिसके तहत यदि नौसैनिक नाकाबंदी हटाई जाती है और प्रतिबंध खत्म किए जाते हैं, तो दो दिनों के भीतर जलमार्ग को फिर से खोला जा सकता है।

तेहरान का दावा है कि अमेरिका इन हमलों के जरिए सीमा पार व्यापार को बाधित करने की कोशिश कर रहा है, हालांकि अधिकारियों ने बातचीत की मेज पर बने रहने का संकल्प जताया है। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि इन हमलों का एकमात्र उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों के लिए ईरानी खतरों को सीमित करना था, न कि बड़े युद्ध की शुरुआत करना।

अमेरिका इस समय कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत कर रहा है और साथ ही 'काइनेटिक' और 'नॉन-काइनेटिक' दोनों विकल्पों को खुला रखे हुए है। यह घटनाक्रम 3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की पूर्व संध्या पर हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनावों से पहले बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाने की योजना से इनकार किया है, हालांकि उन्होंने 'पिकएक्स माउंटेन' जैसे रणनीतिक लक्ष्यों का जिक्र किया था।

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