US और ग्रीनलैंड के बीच हुआ बड़ा सुरक्षा समझौता, ट्रंप ने किया ऐलान.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक ऐतिहासिक सुरक्षा समझौते पर सहमति बना ली है। इस डील को अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'इनफिनिट लाइफ' यानी अनंत काल तक चलने वाला समझौता बताया है, जिसकी कोई अंतिम तारीख तय नहीं की गई है। इस नए समझौते के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड के भीतर सुरक्षा और अन्य रणनीतिक जरूरतों पर स्थायी नियंत्रण मिल गया है। वाशिंगटन प्रशासन ने अब तुरंत ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ाने का काम शुरू करने की योजना बनाई है।
सुरक्षा और रणनीतिक घेराबंदी पर कड़ा पहरा
इस नए समझौते की शर्तों के मुताबिक, अमेरिका के पास यह पूरा अधिकार होगा कि वह किसी भी विरोधी देश को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा बनाने से रोक सके। इसके अलावा अमेरिकी अनुमति के बिना वहां कोई भी संवेदनशील निवेश नहीं किया जा सकेगा। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि इससे यह सुनिश्चित होता है कि ग्रीनलैंड उत्तरी अमेरिका की रणनीतिक रक्षा सीमा के भीतर सुरक्षित रहेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अनाम अधिकारी ने यह भी साफ किया कि इस डील के तहत रूस और चीन जैसे गैर-नाटो देशों को इस इलाके में सैन्य ठिकाने या संवेदनशील बुनियादी ढांचा विकसित करने से पूरी तरह रोक दिया गया है।
डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने क्या कहा
डेनमार्क की प्रधानमंत्री Mette Frederiksen ने इस समझौते की सराहना करते हुए कहा कि इससे डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता और ग्रीनलैंड के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का पूरा सम्मान किया गया है। वहीं ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री Jens-Frederik Nielsen ने भी इस डील का स्वागत किया और कहा कि इससे उनके क्षेत्र की सुरक्षा को बहुत अधिक मजबूती मिलेगी। राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से पहले इस क्षेत्र को अपने अधिकार में लेने की पुरानी कोशिशों को लेकर कूटनीतिक तनाव पैदा हुआ था, लेकिन यह नया समझौता किसी भी तरह के क्षेत्रीय अधिग्रहण के बजाय एक शांतिपूर्ण कूटनीतिक समाधान के रूप में सामने आया है।
आगे की क्या है योजना
मौजूदा समय में अमेरिका साल 1951 के एक रक्षा समझौते के तहत ग्रीनलैंड में Pituffik Space Base के जरिए अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है, जिसे आखिरी बार साल 2004 में अपडेट किया गया था। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, इस नए ढांचे के तहत अमेरिका दक्षिणी ग्रीनलैंड में तीन और नए सैन्य अड्डे स्थापित करने की तैयारी कर सकता है। इस समझौते पर अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। हालांकि, यह समझौता डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों देशों की संसदों से मंजूरी मिलने के बाद ही पूरी तरह लागू होगा।