मध्य पूर्व में तनाव: अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में 9,000 सैनिक और युद्धपोत किए तैनात
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में 9,000 सैनिक और विमान वाहक पोत तैनात किए हैं। जानें पूरी खबर।

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच सुरक्षा हालात तेजी से गंभीर होते जा रहे हैं। समुद्री जहाजों और तटीय ठिकानों पर लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ गई है। इसी क्रम में अमेरिकी प्रशासन ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करने का बड़ा कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात को नियंत्रित करने के लिए US deploys troops Gulf रणनीति के तहत लगभग 9,000 अतिरिक्त सैनिकों और युद्धपोतों की तैनाती की है।
समुद्री मार्गों और ऊर्जा ठिकानों पर हमले
हाल के दिनों में जलडमरूमध्य और प्रमुख बंदरगाहों पर हमलों की घटनाओं में इजाफा हुआ है। खाड़ी क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण जलमार्गों पर जहाजों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है। सऊदी अरब के बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों को भी ड्रोन व मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ा है, हालांकि स्थानीय सुरक्षा बलों और रक्षा प्रणालियों ने कई हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया है। इसके बावजूद, मलबे गिरने से बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिका की बड़ी सैन्य मजबूती
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ कूटनीतिक गतिरोध के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपनी रणनीतिक ताकत बढ़ानी शुरू कर दी है। योजना के तहत, अमेरिकी विमान वाहक पोत और उभयचर तैयारी समूह क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की ताकत में और इजाफा होगा। इसके साथ ही, रक्षा उत्पादन को गति देने और नए रक्षा अनुबंधों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। कूटनीतिक मोर्चे पर भी बयानों का दौर तेज है और प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया गया है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी असर देखा जा रहा है।
विमानन सेवाओं पर व्यापक असर
इस क्षेत्रीय तनाव का असर नागरिक उड्डयन पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। दुबई, अबूझबी और शारजाह जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से संचालित होने वाली कई उड़ानों के मार्ग में बदलाव किया गया है या उन्हें रद्द करना पड़ा है। कुछ उड़ानों को सुरक्षा कारणों से आपातकालीन लैंडिंग भी करनी पड़ी है, जिसकी जांच स्थानीय एजेंसियां कर रही हैं। वैश्विक एयरलाइंस ने एहतियात के तौर पर अपनी उड़ानों का निलंबन आगे बढ़ा दिया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।