ईरान और हूती विद्रोहियों के खतरों के बीच मध्य पूर्व के अमेरिकी दूतावासों ने नागरिकों के लिए जारी किया सुरक्षा अलर्ट

रियाद: मध्य पूर्व में अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने 19 अक्टूबर 2026 को एक जैसा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से क्षेत्रीय तनाव के बीच अधिक सतर्क रहने की अपील की गई है। इस चेतावनी में खास तौर पर ईरान और यमन में ईरान समर्थित हूती बलों से संभावित खतरों का जिक्र किया गया है।
यह कदम अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी की गई 'वर्ल्डवाइड कॉशन' चेतावनी के बाद उठाया गया है, जिसमें दुनिया भर में अमेरिकी हितों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। सऊदी अरब और इराक में अमेरिकी मिशनों ने बताया कि माहौल काफी अस्थिर है, जिससे उड़ानें रद्द हो सकती हैं, हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं और यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं।
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों को तेज कर दिया है। उनके ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह से रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कामकाज रोकना पड़ा है। हालांकि जेद्दा का किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दम्माम का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट चालू हैं, लेकिन यात्रियों को देरी और रुकावटों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
अमेरिकी नागरिकों के लिए आधिकारिक प्रोटोकॉल में स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में पंजीकरण कराना, कम से कम ध्यान आकर्षित करना, प्रदर्शनों से दूर रहना और भारी सुरक्षा वाले इलाकों में न जाना शामिल है।
अमेरिकी सरकार ने सऊदी अरब में अपने राजनयिक कर्मियों के लिए सख्त यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं। अब वे यमनी सीमा के 20 मील के दायरे में यात्रा नहीं कर सकते और स्थानीय हवाई अड्डों का उपयोग करने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी। विदेश विभाग ने सऊदी अरब के लिए लेवल 3 'यात्रा पर पुनर्विचार करें' की सलाह दी है और ईरान जाने से बचने तथा वहां मौजूद नागरिकों के तुरंत देश छोड़ने को कहा है।
क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच मिस्र ने सऊदी अरब को सैन्य सहायता देने का वादा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान मजबूत है और सैन्य कार्रवाई होने पर इसके गंभीर परिणाम होंगे।