बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा खतरों के कारण सीमित की आपातकालीन सेवाएं और नागरिकों को न जाने की सलाह दी
सुरक्षा खतरों के चलते बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने इराकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सेवाओं को सीमित कर दिया है।

बगदाद: इराक़ में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के कारण बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक जरूरी चेतावनी जारी की है। दूतावास ने साफ किया है कि वह वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं देने की अपनी क्षमता को काफी सीमित कर चुका है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक़ के लिए 'लेवल 4: यात्रा न करें' की उच्चतम स्थिति बरकरार रखी है। 23 अक्टूबर 2026 को अपडेट की गई इस सलाह में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और विभिन्न सशस्त्र मिलिशिया की बढ़ती आक्रामकता का हवाला दिया गया है।
आधिकारिक चेतावनी में अमेरिकी नागरिकों से किसी भी कारण से इराक़ न जाने की अपील की गई है। दूतावास ने बताया कि इराकी सरकार अचानक होने वाली हिंसा या सशस्त्र संघर्ष के खिलाफ सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
अधिकारियों के मुताबिक ईरान से जुड़े मिलिशिया और आईएसआईएस के बचे हुए सदस्य आतंकवादी हमलों और अपहरण की कोशिशों के जरिए लगातार खतरा पैदा कर रहे हैं। इस वजह से देश में मौजूद अमेरिकी कर्मियों को सख्त सुरक्षा नियमों का पालन करना पड़ रहा है और उनके आवागमन के लिए विशेष अनुमति की जरूरत होती है।
इराक़ में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को अपनी वापसी की योजना खुद तैयार करने की सलाह दी गई है, क्योंकि गंभीर आपात स्थिति में सरकार उनकी मदद करने में असमर्थ हो सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि बड़े शहरों के बाहर चिकित्सा सेवाएं बहुत सीमित हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा हालात तब और बिगड़े जब गठबंधन सेनाओं ने सऊदी अरब की ओर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोका। रिपोर्ट्स के मुताबिक इराकी मिलिशिया और हूतियों ने महत्वपूर्ण ठिकानों पर समन्वित हमले किए हैं। इसी तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब, ईरान, यूएई, कतर और यमन सहित 13 देशों के लिए ऐसी ही चेतावनियां जारी की हैं।
इराक़ के प्रधानमंत्री अली फलेह अल-ज़ैदी ने कहा है कि अब देश में कोई अमेरिकी सैन्य सलाहकार नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि 30 जून 2027 तक सभी हथियारों को सरकारी नियंत्रण में लाने की राष्ट्रीय योजना है। दूसरी तरफ, ईरान समर्थित गुटों ने आरोप लगाया है कि 30 सितंबर से 24 अक्टूबर 2026 के बीच अमेरिकी विमानों ने 171 बार उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है।